कुख्यात सूदखोर वीरेन्द्र तोमर उर्फ रूबी तोमर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। रायपुर क्राइम ब्रांच और पुरानी बस्ती थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई कई महीनों से चल रही निगरानी और तकनीकी ट्रैकिंग का परिणाम रही।
वीरेन्द्र तोमर पर रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र के एक कारोबारी ने मारपीट और धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया था। शिकायत के बाद उसके और भाई रोहित तोमर के खिलाफ हत्या की कोशिश, जबरन वसूली और सूदखोरी जैसे संगीन अपराधों में मामला दर्ज किया गया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद से दोनों जून महीने से फरार थे और लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों भाइयों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी पेच अपनाए और अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन हाल ही में कोर्ट ने जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तलाश तेज करते हुए वीरेन्द्र की लोकेशन ग्वालियर में ट्रेस की। वहां क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, फरारी के दौरान वीरेन्द्र उत्तरप्रदेश और राजस्थान के कई शहरों में छिपता रहा। पुलिस ने बताया कि उसके नेटवर्क और मददगारों की भी पहचान की जा रही है।
एसएसपी डॉ. लाल उमेश सिंह ने बताया कि वीरेन्द्र और उसके भाई रोहित पर पाँच-पाँच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उन्होंने कहा कि फरार रोहित की तलाश के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी रायपुर पुलिस के लिए बड़ी सफलता है, क्योंकि वीरेन्द्र तोमर के खिलाफ पहले भी सूदखोरी और जबरन वसूली के कई मामले दर्ज हो चुके हैं। उसकी गिरफ्तारी से न केवल पीड़ित व्यापारियों को राहत मिली है, बल्कि इससे अपराध जगत में भी एक सख्त संदेश गया है कि कानून से कोई बच नहीं सकता।
