छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मटर तोड़ने के शक में एक किसान ने दो नाबालिग बच्चों को पकड़कर उनके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और बेरहमी से पिटाई की। इस पूरी घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी किसान को हिरासत में ले लिया गया।
जानकारी के अनुसार, यह मामला राजपुर थाना क्षेत्र का है। आरोपी किसान की पहचान कपिल पेकड़ा के रूप में हुई है। पीड़ित बच्चों में से एक 7 वर्षीय बच्चा ग्राम लडुवा निवासी कृष्णनाथ टोप्पो का बेटा है, जो दूसरी कक्षा में पढ़ता है। शनिवार को वह अपने एक दोस्त के साथ स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। रास्ते में पड़ने वाले खेत में दोनों बच्चों ने मटर तोड़कर खाना शुरू कर दिया। इसी दौरान खेत मालिक कपिल पेकड़ा की नजर बच्चों पर पड़ गई।
बताया गया है कि किसान ने आवाज लगाई, जिससे घबराकर दोनों बच्चे भागने लगे, लेकिन कपिल ने दौड़ाकर दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद उसने बच्चों को रस्सी से बांध दिया और उनकी जमकर पिटाई की। इस दौरान बच्चे रो-रोकर छोड़ देने की मिन्नतें करते रहे, लेकिन आरोपी ने उनकी एक नहीं सुनी। मारपीट के दौरान बच्चों को शारीरिक चोटें भी आईं।
घटना के बाद ग्रामीणों के हस्तक्षेप से आरोपी ने बच्चों को छोड़ा। इस बीच किसी ने मारपीट का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो के बाद मामला तूल पकड़ गया। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी किसान ने बच्चे के पिता कृष्णनाथ टोप्पो को भी धमकाया और रिपोर्ट करने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी, जिसके चलते पहले डर के कारण शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।
बाद में ग्रामीणों और परिचितों के कहने पर पीड़ित पक्ष हिम्मत जुटाकर राजपुर थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में आरोपी कपिल पेकड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। साथ ही घायल बच्चे का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया है।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी और बच्चे के पिता के बीच पहले से आपसी विवाद भी रहा है। वहीं, जिस दूसरे बच्चे के साथ मारपीट हुई, वह आरोपी के ही परिवार से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके परिजनों ने अलग से शिकायत दर्ज नहीं कराई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के साथ हिंसा और कानून को हाथ में लेने की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
