तुहर टोकन मोबाइल ऐप की शुरुआत कर राज्य के किसानों को डिजिटल सुविधा दी गई है, जिससे वे अपनी फसल (धान) बेचने के लिए टोकन घर बैठे निकाल सकेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता-सुरक्षा विभाग ने इस ऐप को खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए लागू किया है।
मुख्य बिंदु: किसान इस ऐप के माध्यम से मोबाइल पर पंजीकरण कर सकते हैं: आधार आधारित OTP से लॉग-इन और टोकन के लिए आवेदन संभव है।
आवेदन समय: प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक टोकन के लिए आवेदन किया जा सकता है।
टोकन की वैधता: जारी टोकन अगले सात खरीदी दिवसों तक मान्य रहेगा।
खरीद प्रक्रिया को स्मार्ट-बनाने के लिए, धान खरीदी केंद्रों की प्रति-दिवस खरीदी सीमा का 70 % भाग टोकन-आधारित बनेगा; उसमें से 80 % लघु एवं सीमांत किसानों के लिए और 20 % दीर्घ किसानों के लिए आरक्षित होगा। शेष 30 % सोसायटी स्तर पर जारी होगा।
किसानों को वर्ग-अनुसार टोकन दिए जाएंगे: सीमांत कृषि (2 एकड़ तक) को 1 टोकन, लघु (2-10 एकड़) को 2 टोकन, और दीर्घ कृषि (>10 एकड़) को अधिकतम 3 टोकन।
क्यों जरूरी और क्या लाभ?
लम्बे दिनों से किसानों को मंडियों में लंबी कतारों और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता था; यह ऐप उन्हें घर बैठे सुविधा देता है।
प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, क्योंकि टोकन-आधारित व्यवस्था से बिकवाली का समय-निर्धारण स्पष्ट होगा।
प्रशासन को खरीदी प्रक्रिया बेहतर ढंग से नियंत्रित करने का अवसर मिलेगा, जिससे अनियमितता के जोखिम कम होंगे
ऐप अंतर्गत डाउनलोड विकल्प उपलब्ध है; उदाहरण के लिए गूगल-प्ले स्टोर में यह मौजूद है। धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर 2025 से होगी और अभियान 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। विभाग ने कहा है कि इस डिजिटल व्यवस्था से किसानों की बिक्री प्रक्रिया में समय व मेहनत दोनों कम होंगे और किन्हीं भी परिस्थितियों में उन्हें नुकसान नहीं होगा।
