छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सतनामी समाज को लेकर कथावाचक द्वारा कथित अपमानजनक टिप्पणी किए जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मामला तखतपुर थाना क्षेत्र के टिकरी पारा का है, जहां श्रीमद् भागवत कथा महापुराण का आयोजन चल रहा था। 11 नवंबर को कथा वाचन के दौरान कथावाचक आशुतोष चैतन्य ने समाज विशेष को लेकर कई आपत्तिजनक बातें कही थीं। आयोजन का वीडियो रिकॉर्ड कर यूट्यूब पर भी डाल दिया गया था।
वीडियो वायरल होने के बाद सतनामी समाज में भारी आक्रोश फैल गया। 12 नवंबर को समाज के लोग बड़ी संख्या में तखतपुर थाने पहुंचे और कथावाचक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए थाने का घेराव किया। इस दौरान लोगों ने कथावाचक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की।
क्या है विवादित बयान?
आशुतोष चैतन्य ने कथा के दौरान सतनामी समाज को ‘मूर्ख’ बताते हुए गाय काटने वाला समाज कहा था। उन्होंने कहा था कि “जो पहले सनातनी थे, वे आज सतनामी हो गए और गाय काट रहे हैं।” इस बयान को लेकर समाज में गहरा रोष व्याप्त हो गया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह टिप्पणी न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है, बल्कि समाज में वैमनस्य फैलाने का भी प्रयास है।
गिरफ्तारी की मांग और FIR
बयान के खिलाफ विरोध बढ़ता देख समाज ने कथावाचक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। चेतावनी दी गई कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बढ़ते तनाव के बीच पुलिस ने आशुतोष चैतन्य के खिलाफ FIR दर्ज की और 15 नवंबर की सुबह कथा स्थल से उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा बढ़ाई गई
तनाव को देखते हुए तखतपुर पुलिस ने कथा स्थल और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की। ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पंडाल के चारों ओर पुलिस बल तैनात किया गया और भीड़
को नियंत्रित किया गया।
