July 22, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंडी हवाओं का कहर: अंबिकापुर 7°C पर पहुंचा, तापमान में और गिरावट के आसार; बदलते मौसम में मलेरिया का खतरा बढ़ा

छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्सों में ठंड ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने प्रदेश के तापमान में अचानक गिरावट दर्ज कराई है। सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है और अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान गिरकर 7°C तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों तक तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की और गिरावट हो सकती है।

बिलासपुर, जशपुर और पेंड्रा के कई इलाकों में सुबह-शाम लोग अलाव का सहारा लेते दिखाई दे रहे हैं। रायपुर में दिन का तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है, लेकिन सूर्यास्त के बाद पारा तेजी से नीचे गिर रहा है। पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिक तापमान 29.9°C (दुर्ग) और सबसे कम तापमान 7.8°C (अंबिकापुर) दर्ज किया गया।

ठंड बढ़ी, बीमारियों का खतरा भी बढ़ा

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में इस तरह का अचानक उतार-चढ़ाव बीमारियों को बढ़ावा देता है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि ऐसे मौसम में हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर और अन्य संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर ऑफिस जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को गर्म कपड़ों के साथ निकलने की सलाह दी गई है।

मलेरिया फैलने का खतरा बढ़ा

स्वास्थ्य विभाग ने भी अलर्ट जारी करते हुए बताया कि बदलते मौसम में मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे मलेरिया संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, 33-39°C दिन का तापमान और 14-19°C रात का तापमान मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल माना जाता है, और छत्तीसगढ़ में इस समय यही स्थिति बनी हुई है।

प्रदेश में दो तरह का मलेरिया मिलने का खतरा है—

प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (गंभीर मलेरिया)

प्लास्मोडियम विवेक्स (बार-बार लौटने वाला मलेरिया)

स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में अगले 8 दिनों तक संक्रमण बढ़ने की आशंका जताई है।

स्वास्थ्य विभाग की सलाह

  • शाम के बाद घर और आसपास मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले कॉयल/लिक्विड का उपयोग करें।
  • फुल-स्लीव कपड़े पहनें, बच्चों को भी ढककर रखें।
  • घर के आसपास कूलर, गमले, टायर, बर्तन आदि में पानी जमा न होने दें।
  • यदि बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, पसीना, या शरीर में दर्द जैसे लक्षण हों तो तुरंत ब्लड टेस्ट कराएं।
  • रात में ITN/LLIN मच्छरदानी का उपयोग करें और घर के दरवाजों-खिड़कियों पर जाली लगाएं।

नवंबर महीने के मौसम के रोचक रिकॉर्ड

मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार—

  1. 2 नवंबर 1935: सबसे अधिक तापमान 35.6°C
  2. 22 नवंबर 1883: सबसे कम तापमान 8.3°C (नवंबर की सबसे ठंडी रात)
  3. नवंबर 1924 में 138.2 मिमी बारिश (पूरे महीने की सबसे ज्यादा वर्षा)
  4. 2 नवंबर 1930 को 24 घंटे में 70.4 मिमी बारिश (नवंबर का सबसे बड़ा एकदिवसीय वर्षा रिकॉर्ड)

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