April 17, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

बिलासपुर में कुत्तों के बढ़ते हमलों पर कड़ा एक्शन: 6000 पालतू कुत्तों का टीकाकरण, 21 हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी

बिलासपुर जिले में हाल के दिनों में कुत्तों के हमलों और बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने गंभीर कदम उठाए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में तय किया गया कि शहर के 6000 पालतू कुत्तों का एंटी-रेबीज टीकाकरण अनिवार्य रूप से किया जाएगा, जबकि जिले के 21 हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 15 दिसंबर 2025 से शुरू होगा और पशु चिकित्सा विभाग, नगर निगम तथा जिला पंचायत के संयुक्त प्रयासों से संचालित किया जाएगा।

कलेक्टर ने सभी डॉग ब्रीडर और पेट शॉप संचालकों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रतिष्ठानों को पंजीकृत करें। पशुधन विकास विभाग द्वारा निर्धारित आवेदन पत्र 15 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से जमा करने होंगे। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के पीआईएल क्रमांक 05/2025 के तहत पेट शॉप और कुत्ता प्रजनन केंद्रों के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि टीकाकरण के लिए नगर निगम बिलासपुर की टीम वार्डस्तर पर जाकर पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन और टीकाकरण करेगी। नसबंदी अभियान के लिए पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षित करने का कार्य शुरू किया जा चुका है।

इसके अतिरिक्त, हाईकोर्ट के आदेशानुसार घुमंतू पशुओं के समुचित प्रबंधन, सांड़ों के सघन बधियाकरण, तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चरवाहों द्वारा पशु चराई व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने पंचायतों से कहा कि वे शासकीय भूमि में चारागाह हेतु हरा चारा उत्पादन को बढ़ावा दें।

कलेक्टर ने पराली (पैरा) निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की कठिनाइयों को देखते हुए पंचायत स्तर पर पैरा संग्रहण के लिए मजदूरों की व्यवस्था की जाए। जिले की पंचायत द्वारा खरीदी गई बेलर मशीनों का उपयोग कर पैरा को गोठानों में एकत्रित करने का सुझाव दिया गया।

बैठक में निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, वेटेरिनरी विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. जी.एस. तंवर, गौशाला अध्यक्ष, डॉग ब्रीडर्स, पेट शॉप प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

यह अभियान जिले में कुत्तों से जुड़े दुर्घटनाओं को कम करने और पशु प्रबंधन को वैज्ञानिक एवं सुरक्षित दिशा देने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है।

Related posts

वर्दी में रील बनाना पड़ा महंगा, आरक्षक लाइन अटैच

admin

दुनिया भर के छत्तीसगढ़िया एक मंच पर — 27-28 मार्च को रायपुर में प्रवासी कॉन्क्लेव का आयोजन

admin

बालोद के जंगल में सड़ी-गली लाश मिली, जांच जारी

admin

Leave a Comment