रायपुर कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने इसे “मनरेगा की हत्या” करार देते हुए कहा कि सरकार ने गरीब और ग्रामीण मजदूरों से उनका काम का संवैधानिक अधिकार छीन लिया है।
सांसद ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि करोड़ों गरीब परिवारों के लिए जीवनरेखा है। लेकिन मौजूदा नीतियों, बजट कटौती, भुगतान में देरी और नई शर्तों के कारण मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार गारंटी को अधिकार के बजाय दया पर आधारित व्यवस्था में बदलना चाहती है, जिससे ग्रामीण भारत सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।
शशिकांत सेंथिल ने यह भी कहा कि मनरेगा को कमजोर करना सीधे तौर पर बेरोजगारी बढ़ाने और ग्रामीण पलायन को मजबूर करने जैसा है। उनका दावा है कि सरकार की नीतियां बड़े उद्योगपतियों के पक्ष में हैं, जबकि गरीब और मजदूर वर्ग को हाशिए पर धकेला जा रहा है।
⚖️ नेशनल हेराल्ड केस पर बयान
नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर सांसद ने कहा कि यह केस अब “बेशर्मी भरा राजनीतिक हौवा” साबित हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल हेराल्ड केस को विपक्ष को बदनाम करने और डराने के लिए इस्तेमाल किया गया। सेंथिल के मुताबिक, यह पूरा मामला सोची-समझी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य असली मुद्दों — बेरोजगारी, महंगाई और ग्रामीण संकट — से जनता का ध्यान भटकाना है।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह जांच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल बंद करे और देश के गरीब, किसान व मजदूर वर्ग की समस्याओं पर ध्यान दे। कांग्रेस सांसद ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी संसद और सड़क दोनों जगह इन मुद्दों को उठाती रहेगी।
