छत्तीसगढ़ में एचआईवी नियंत्रण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। नियमित जांच, समय पर उपचार और लगातार निगरानी के कारण 18 हजार एचआईवी मरीजों का वायरल लोड नियंत्रित स्तर पर पहुंच गया है। इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हुई है और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम हुआ है।
राज्य में एचआईवी मरीजों को नियमित दवाएं, परामर्श और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर इलाज और दवा का लगातार सेवन करने से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग और मरीजों के संयुक्त प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।
