बिलासपुर नगर निगम में एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है, जिसमें जोन क्रमांक-2 के राजस्व निरीक्षक (आरआई) रामनारायण देवांगन को निलंबित कर दिया गया है। उन पर वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच संपत्तिकर, समेकित कर और यूजर चार्ज के रूप में वसूली गई कुल 14 लाख 18 हजार 207 रुपए की राशि को निगम कोष में जमा नहीं करने का आरोप है। इस मामले को नगर प्रशासन ने गंभीर आर्थिक अनियमितता मानते हुए त्वरित कार्रवाई की है।
यह कार्रवाई नगर निगम के आंतरिक ऑडिट (इंटरनल ऑडिट) के दौरान सामने आई गड़बड़ी के बाद की गई। वर्ष 2023-24 के लिए चल रहे ऑडिट में यह स्पष्ट हुआ कि जोन क्रमांक-2 में राजस्व कर वसूली से जुड़ी बड़ी राशि जमा नहीं की गई, जबकि रिकॉर्ड में वसूली दर्शाई गई थी। ऑडिट रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपे जाने के बाद मामले की विस्तृत जांच कराई गई।
जांच में आरोप सही पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 09 (1)(ख) के तहत आरआई रामनारायण देवांगन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही, नगर आयुक्त द्वारा निगम कमिश्नर को रिपोर्ट भेजी गई, जिसके बाद संयुक्त संचालक वित्त के नेतृत्व में जांच कराई गई।
नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारी से संपूर्ण बकाया राशि की वसूली की जाए। यदि निर्धारित समय में राशि जमा नहीं की जाती है, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। निगम प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की वित्तीय लापरवाही और गबन को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटना के सामने आने के बाद नगर निगम के अन्य जोनों में भी राजस्व वसूली और जमा प्रक्रिया की गहन समीक्षा की संभावना जताई जा रही है। यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
