छत्तीसगढ़ शासन ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता और अमर्यादित आचरण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन के इस सख्त रुख का उदाहरण हाल ही में तब देखने को मिला जब सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. पटेल को निलंबित कर दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम:
नवा रायपुर, 13 जून 2025 को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार श्री एल.पी. पटेल को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के उल्लंघन के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। पटेल पर आरोप है कि मार्च 2025 में आयोजित हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के दौरान उन्होंने कलेक्टर द्वारा गठित उड़नदस्ता दल में मनमानी करते हुए बिना किसी अनुमोदन के बदलाव कर दिए थे।
गंभीर आरोप:
सिर्फ इतना ही नहीं, एल.पी. पटेल पर तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को धमकाने, अभद्र भाषा के प्रयोग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। इस संबंध में कलेक्टर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनका उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया।
प्रशासन की कार्रवाई:
इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए शासन ने श्री पटेल को तत्काल निलंबित कर दिया और उनका मुख्यालय शिक्षा संभाग बिलासपुर के संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय को निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही रायगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी को सारंगढ़-बिलाईगढ़ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जिससे शैक्षणिक व्यवस्थाओं में कोई व्यवधान न आए।
