July 21, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

सरगुजा में सड़क नहीं, इसलिए खाट बनी शव वाहन: तालाब में डूबे युवक का शव 5 किमी पैदल ढोने को मजबूर हुआ परिवार

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से सामने आई यह घटना प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं की जमीनी सच्चाई को उजागर करती है। यहां सड़क के अभाव में एक परिवार को अपने युवक के शव को खाट पर रखकर करीब पांच किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत भारतपुर के लकरलता टोला निवासी सुरेंद्र तिर्की (45) 29 दिसंबर से लापता था। 31 दिसंबर को उसका शव गांव के पास स्थित चीनी पानी तालाब में मिला। परिजनों ने बताया कि सुरेंद्र मछली पकड़ने तालाब गया था, जहां फिसलकर गहरे पानी में चला गया और उसकी मौत हो गई।

सूचना मिलने पर सीतापुर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। लेकिन गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण शव वाहन लकरलता टोला नहीं पहुंच सका। मजबूरी में परिजन और ग्रामीणों ने खाट पर शव रखकर करीब 5 किलोमीटर पैदल चलकर भारतपुर तक शव पहुंचाया, जहां से उसे पोस्टमॉर्टम के लिए सीतापुर भेजा गया।

पोस्टमॉर्टम के बाद भी हालात जस के तस रहे। शव वाहन फिर गांव तक नहीं पहुंच पाया, जिसके बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर खाट पर शव रखकर पैदल गांव तक पहुंचाया और अंतिम संस्कार किया। ग्रामीणों का कहना है कि लकरलता टोला पहाड़ी क्षेत्र में बसा हुआ है, जहां पहुंचने के लिए केवल कच्चा वन मार्ग है और नाले पर पुलिया नहीं बनी है, जिससे बड़े वाहनों का प्रवेश संभव नहीं हो पाता।

इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। विपक्ष ने इसे सड़क और एम्बुलेंस जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का उदाहरण बताते हुए सरकार के विकास दावों पर निशाना साधा है। वहीं, स्थानीय विधायक का कहना है कि टोला तक सड़क निर्माण की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

फिलहाल यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि दूरस्थ और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों तक बुनियादी सुविधाएं आखिर कब और कैसे पहुंचेंगी।

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