छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तीसरे बजट की तैयारियों को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार इस बार बजट को अधिक योजनाबद्ध, पारदर्शी और जनहित केंद्रित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में 6 से 9 जनवरी तक नया रायपुर स्थित मंत्रालय में विभागवार समीक्षा बैठकों का विस्तृत कार्यक्रम तय किया गया है।
इन बैठकों में सभी विभाग अपने-अपने बजट प्रस्ताव, नई योजनाओं और प्रस्तावित परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण करेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि प्राथमिक क्षेत्रों—शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल सशक्तिकरण, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे—में संतुलित और प्रभावी बजट सुनिश्चित किया जा सके।
वित्त विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री-स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता वित्त मंत्री ओपी चौधरी करेंगे। चार दिनों तक चलने वाली इन बैठकों में मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर विभागीय जरूरतों, खर्च की प्राथमिकताओं और योजनाओं की व्यवहारिकता की समीक्षा की जाएगी।
6 जनवरी से शुरू होने वाले इस सिलसिले में उद्योग, आबकारी, श्रम, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, आईटी सहित कई अहम विभागों के प्रस्तावों पर गहन मंथन होगा। वहीं मुख्यमंत्री से जुड़े विभागों के बजट प्रस्तावों पर अंतिम चरण में अलग से चर्चा की जाएगी, जिससे बजट को अंतिम रूप देने में स्पष्ट दिशा मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की विस्तृत और चरणबद्ध समीक्षा से बजट न केवल विकासोन्मुखी होगा, बल्कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और संसाधनों के सही उपयोग को भी सुनिश्चित करेगा। सरकार का फोकस स्पष्ट है—विकास की गति बनाए रखते हुए जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देना।
