33 C
Raipur
June 5, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

रायगढ़ के तमनार में जनसुनवाई विवाद ने लिया हिंसक रूप, महिला आरक्षक के कपड़े फाड़े गए, TI से मारपीट, पुलिस वाहन और कोल प्लांट में आगजनी

रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र में कोयला ब्लॉक की जनसुनवाई को लेकर चल रहा विरोध शुक्रवार को हिंसक हो गया। यह विवाद JPL कंपनी के सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के लिए प्रस्तावित जनसुनवाई से जुड़ा है, जिसका 14 गांवों के ग्रामीण विरोध कर रहे थे।

ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर की सुबह करीब 9 बजे तमनार के लिबरा चौक पर करीब 300 ग्रामीण एकत्र हुए और सड़क पर बैठकर आवागमन रोक दिया। सूचना मिलने पर सुबह करीब 10 बजे अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, पुलिस अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर धरनास्थल के टेंट में वापस भेजा।

कुछ समय के लिए स्थिति शांत रही, लेकिन दोपहर होते-होते आसपास के गांवों से और लोग पहुंचने लगे, जिससे भीड़ बढ़कर करीब 1000 के आसपास हो गई।

दोपहर करीब 2 बजे हालात अचानक बेकाबू हो गए। भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस पर पथराव व लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया। इसी दौरान तमनार थाना प्रभारी कमला पुराम के साथ महिलाओं द्वारा लात-घूंसे से मारपीट की गई। इस झड़प में एक महिला आरक्षक के कपड़े फाड़े जाने की भी पुष्टि हुई है।

हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उग्र भीड़ ने मौके पर खड़ी पुलिस बस, जीप और एंबुलेंस में आग लगा दी।

इसके बाद भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट की ओर बढ़ गई, जहां घुसकर कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर और अन्य वाहनों में आगजनी की गई। प्लांट कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई, जिससे भारी नुकसान हुआ।

स्थिति संभालने के लिए रायगढ़ कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे, लेकिन अधिकारियों की मौजूदगी में भी पथराव और आगजनी जारी रही।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि कोल ब्लॉक के लिए प्रस्तावित जनसुनवाई को पूरी तरह रद्द किया जाए। आंदोलन में 14 गांवों के करीब 4 हजार से अधिक लोग शामिल बताए गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए JPL प्रबंधन ने सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के लिए जनसुनवाई नहीं कराने का फैसला लिया है।

घटना के बाद तमनार क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने हिंसा, आगजनी और पुलिस पर हमले के मामलों में वीडियो और फोटो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।

Related posts

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य जांच एवं रक्तदान शिविर का सफल आयोजन 

admin

छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा से घर-घर बन रहे बिजली उत्पादक

admin

“पाठ्य पुस्तक घोटाला: नियमों की अनदेखी कर ठेकेदारों को किया गया करोड़ों का भुगतान”

admin

Leave a Comment