कोरबा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पसान थाना पुलिस पर नाबालिग लड़की के अपहरणकर्ता को कथित तौर पर पैसे और बकरे के बदले छोड़ने का गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़िता के परिजनों ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, नाबालिग लड़की 26 नवंबर को साप्ताहिक बाजार जाने के बाद लापता हो गई थी। तलाश के दौरान जानकारी मिली कि उसे आखिरी बार शनि नामक युवक के साथ देखा गया था। इसके बाद परिजनों ने पसान थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने अपहरण का मामला पंजीबद्ध किया।
शिकायत में परिजनों का आरोप है कि 2 जनवरी को उन्हें थाने बुलाया गया, जहां दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के बाद बयान दर्ज कराने के लिए कटघोरा न्यायालय जाने की बात कही गई। परिजनों का दावा है कि इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने नाबालिग को यह कहकर प्रभावित किया कि बयान के बाद वह आरोपी युवक के साथ जा सकती है। इस बात के आधे घंटे बाद ही नाबालिग बिना परिजनों को बताए फिर से लापता हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि पसान थाना क्षेत्र में पदस्थ एसआई कूरे और आरक्षक मधुकर ने आरोपी युवक से 10 हजार रुपये नकद और एक बकरे की मांग की थी। परिजनों का कहना है कि यह कथित सौदेबाजी बयान दर्ज कराने और मामले को रफा-दफा करने के उद्देश्य से की गई।
मामले में नया मोड़ तब आया जब नाबालिग परिजनों के साथ घर पहुंची और उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। परिजनों का कहना है कि नाबालिग ने स्वयं बताया कि पुलिसकर्मियों द्वारा कही गई बातों के चलते वह मानसिक रूप से भ्रमित हो गई थी और आरोपी के साथ चली गई।
इस पूरे मामले पर एडिशनल एसपी नीतिश ठाकुर ने बताया कि नाबालिग के पिता की शिकायत पर मामले की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा एसडीओपी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांचाधीन है और पुलिस प्रशासन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच का दावा कर रहा है।
