रायगढ़ जिले के होनहार छात्रों ने अपने साहसिक और मानवतावादी कार्य से पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। पानी में डूबते एक मासूम बच्चे की जान बचाने वाले इन छात्रों को राज्य वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में प्रदान किया जाएगा। बच्चों द्वारा दिखाया गया साहस केवल एक जीवन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
घटना के समय तालाब के किनारे खेलते हुए एक छोटा बच्चा अचानक फिसलकर गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई और कोई तत्काल मदद के लिए आगे नहीं बढ़ पाया। इसी बीच रायगढ़ के इन छात्रों ने बिना किसी भय और स्वार्थ के तुरंत तालाब में छलांग लगाई और सूझबूझ व साहस का परिचय देते हुए बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता और हिम्मत के कारण एक मासूम की जान बच सकी।
इस साहसिक कार्य के बाद जिला प्रशासन द्वारा पहले ही इन छात्रों को सम्मानित किया जा चुका है। कलेक्टर स्तर पर हुए सम्मान समारोह में बच्चों की बहादुरी की सराहना की गई थी और उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए थे। अब राज्य सरकार द्वारा राज्य वीरता पुरस्कार की घोषणा ने उनकी उपलब्धि को और भी विशेष बना दिया है। इससे न केवल छात्रों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि अन्य बच्चों के लिए भी यह एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
शिक्षकों और परिजनों ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि ये बच्चे आज की युवा पीढ़ी के लिए आदर्श हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों ने यह साबित कर दिया कि साहस उम्र का मोहताज नहीं होता, बल्कि सच्ची संवेदनशीलता और जिम्मेदारी ही किसी को सच्चा नायक बनाती है। यह घटना समाज को यह संदेश देती है कि मानवता, साहस और सेवा भाव ही असली बहादुरी है।
