महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार के निधन के बाद अब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य का डिप्टी मुख्यमंत्री बनाए जाने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके साथ ही सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने जा रही हैं, जो राज्य की सियासत में एक बड़ा और प्रतीकात्मक बदलाव माना जा रहा है।
शनिवार को एनसीपी विधायक दल और विधान परिषद सदस्यों की अहम बैठक मुंबई में आयोजित की गई, जिसमें सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना गया। बैठक से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने उनसे मुलाकात कर समर्थन जताया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शपथग्रहण समारोह आज शाम 5 बजे होने की संभावना है।
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, सुनेत्रा पवार को पहले राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा देना होगा। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 190(1) के तहत कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद सदस्य और राज्य सरकार में मंत्री नहीं रह सकता। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल उन्हें मंत्री और डिप्टी मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे।
फिलहाल सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र विधानसभा की सदस्य नहीं हैं। ऐसे में संविधान के अनुसार उन्हें छह महीने के भीतर विधानसभा चुनाव जीतना या विधान परिषद (MLC) का सदस्य बनना अनिवार्य होगा। यदि वे तय समयसीमा में ऐसा नहीं कर पाती हैं, तो उनका मंत्री और डिप्टी सीएम पद स्वतः समाप्त हो जाएगा।
अजित पवार के 28 जनवरी को बारामती में निधन के बाद डिप्टी मुख्यमंत्री का पद रिक्त हो गया था। इस रिक्ति को भरने के लिए एनसीपी और सत्तारूढ़ गठबंधन ने तेजी से रणनीति तैयार की। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह फैसला न केवल राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए है, बल्कि अजित पवार की राजनीतिक विरासत और इच्छा का सम्मान भी है।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने संकेत दिए हैं कि यह निर्णय पार्टी और परिवार दोनों के लिए भावनात्मक और रणनीतिक रूप से अहम है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुनेत्रा पवार का डिप्टी सीएम बनना महाराष्ट्र की राजनीति में महिला नेतृत्व को नई मजबूती देगा और आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करेगा।
