रायपुर में लगातार असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त एक युवक के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए उसे तीन माह के लिए जिलाबदर कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. गौरव सिंह द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत की गई है। आदेश के अनुसार संबंधित युवक को सात दिनों के भीतर रायपुर समेत दुर्ग, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर जाना होगा।
प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, बुद्ध चौक रामनगर, थाना गुढ़ियारी निवासी 25 वर्षीय राजा राजपूत के विरुद्ध पूर्व में भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी थी। इसके बावजूद उसके व्यवहार में सुधार नहीं आया और उस पर लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप हैं। स्थानीय स्तर पर मिली रिपोर्टों में बताया गया है कि उसकी गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा था।
आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने गोपनीय रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह निर्णय लिया। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की आपराधिक प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जारी आदेश के तहत युवक को 4 मार्च 2026 तक इन जिलों की सीमाओं से बाहर रहना होगा तथा 24 मई 2026 तक बिना सक्षम न्यायालय की अनुमति संबंधित जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
इस कार्रवाई को प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने और आम जनता में सुरक्षा की भावना बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
