मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्ग Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में खलबली मच गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकांश कच्चा तेल इसी मार्ग से एशिया, यूरोप और अमेरिका तक पहुंचता है। अनुमान है कि वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
भारत के लिए क्यों अहम?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है। खाड़ी देशों से आने वाला तेल मुख्य रूप से इसी मार्ग से भारत पहुंचता है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो—
- पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज उछाल संभव
- एलपीजी सिलेंडर महंगे हो सकते हैं
- महंगाई दर पर दबाव बढ़ सकता है
- शेयर बाजार और रुपया प्रभावित हो सकता है
हालांकि भारत के पास कुछ हफ्तों का रणनीतिक भंडार मौजूद है, लेकिन लंबा संकट आर्थिक चुनौतियां बढ़ा सकता है।
वैश्विक असर
घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है। शिपिंग कंपनियों ने खाड़ी क्षेत्र में जोखिम का आकलन शुरू कर दिया है। बीमा कंपनियां ‘वार रिस्क प्रीमियम’ बढ़ा सकती हैं, जिससे तेल ढुलाई महंगी हो जाएगी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि स्थिति कूटनीतिक बातचीत से सुलझ सकती है, लेकिन यदि सैन्य गतिविधियां बढ़ीं तो यह संकट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
