छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की 2021 भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब मनी लॉन्ड्रिंग तक पहुंच गई है। CBI की जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि भर्ती प्रक्रिया में करोड़ों रुपये के लेनदेन हुए और भ्रष्टाचार का दायरा 500 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
जांच में 47 लाख रुपये एक संस्था के खाते में ट्रांसफर किए जाने और उसे CSR दान के रूप में दिखाने का दावा किया गया है। आरोप है कि इस संस्था से तत्कालीन PSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के करीबी जुड़े थे। एजेंसियां अब पूरे वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की गहराई से जांच कर रही हैं।
