मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) को हर जिले में एक ऐसे गांव की पहचान करने के निर्देश दिए हैं, जिसे जनभागीदारी, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए आदर्श विकास मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें केवल योजनाओं को लागू करने वाली इकाई नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं।
नवा रायपुर में आयोजित समीक्षा बैठक और कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। जल संरक्षण, कृषि, आजीविका, ग्रामीण अधोसंरचना और सामुदायिक परिसंपत्तियों के विकास को प्राथमिकता देने के साथ हर जिले में एक मॉडल गांव तैयार किया जाए। साथ ही, महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर ‘लखपति दीदी’ के बाद ‘करोड़पति दीदी’ बनाने का लक्ष्य तय किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित कार्यों में तेजी लाने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए।
