रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट को आने वाले समय में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल में शामिल किया जा सकता है। केंद्र सरकार 11 एयरपोर्ट को 50 साल की रियायत अवधि के लिए निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी कर रही है। इस योजना में रायपुर एयरपोर्ट को औरंगाबाद एयरपोर्ट के साथ एक समूह में रखा गया है।
सरकार का मानना है कि निजी निवेश आने से एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार होगा। इस योजना के तहत निजी कंपनियां एयरपोर्ट के संचालन और विकास में निवेश करेंगी। हालांकि, AAI कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
यदि इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो रायपुर एयरपोर्ट के विकास और संचालन में निजी क्षेत्र की बड़ी भूमिका देखने को मिल सकती है, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद है।
