दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट IRCTC घोटाला मामले में 23 जुलाई 2025 को अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य आरोपी हैं। उन पर होटल टेंडर में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। दोषी पाए जाने पर सभी आरोपियों को अधिकतम 7 साल की जेल हो सकती है।
मामले का विवरण
यह घोटाला 2004-2009 के दौरान लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री कार्यकाल से जुड़ा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अनुसार, भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) के तहत रांची और पुरी में स्थित बीएनआर होटलों के रखरखाव और संचालन के टेंडर में गड़बड़ी की गई। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी कर सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इसके बदले में लालू यादव के परिवार को पटना में 3 एकड़ बेनामी जमीन हस्तांतरित की गई। CBI ने दावा किया कि इस जमीन का रजिस्ट्री मूल्य 1.47 करोड़ रुपये था, जबकि इसका बाजार मूल्य 1.93 करोड़ रुपये था।
आरोप और जांच
CBI ने 2017 में इस मामले में FIR दर्ज की थी और 2018 में चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तत्कालीन IRCTC अधिकारी और अन्य सहित कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया। इन पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी (IPC की धारा 420), और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच में सामने आया कि सुजाता होटल्स को टेंडर देने के लिए नियमों का उल्लंघन किया गया और इसके बदले में लालू के परिवार को आर्थिक लाभ पहुंचाया गया।
कानूनी प्रक्रिया
- FIR और चार्जशीट: CBI ने मई 2017 में मामला दर्ज किया और 2018 में चार्जशीट दाखिल की।
- जमानत: सभी आरोपी, जिनमें लालू, राबड़ी, और तेजस्वी शामिल हैं, 2019 से जमानत पर हैं।
- सुनवाई: कोर्ट ने हाल ही में आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी की और 23 जुलाई 2025 को फैसला सुनाने की तारीख तय की।
- संभावित सजा: दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।
राजनीतिक महत्व
यह मामला बिहार की राजनीति में अहम माना जा रहा है, क्योंकि लालू यादव और उनका परिवार RJD के प्रमुख चेहरे हैं। तेजस्वी यादव वर्तमान में बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। इस मामले का फैसला RJD और बिहार की राजनीति पर गहरा प्रभाव डाल सकता है, खासकर 2025 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर।
आरोपियों की स्थिति
लालू यादव पहले भी चारा घोटाले में सजा काट चुके हैं और वर्तमान में स्वास्थ्य कारणों से जमानत पर हैं। इस मामले में उनकी पत्नी और बेटे के साथ उनकी भूमिका पर कोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण होगा। CBI ने सभी आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत होने का दावा किया है, जबकि बचाव पक्ष इसे राजनीति से प्रेरित बताता है।
अगला कदम: कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है और 23 जुलाई को सुनवाई होगी। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह मामला लालू परिवार के लिए नया कानूनी संकट खड़ा करेगा।
