April 17, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

भिलाई आयरन फैक्ट्री चोरी: गार्ड बना मास्टरमाइंड, 2.5 लाख का लोहा बरामद

छत्तीसगढ़ के भिलाई में जामुल थाना क्षेत्र की एक आयरन फैक्ट्री से 2.5 लाख रुपये कीमत का लोहा चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि फैक्ट्री का अपना सिक्योरिटी गार्ड निकला। जामुल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गार्ड और चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया पीन आयरन और कटी लोहा बरामद किया है। यह घटना भिलाई के औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

घटना का विवरण

जामुल पुलिस को सूचना मिली थी कि स्थानीय आयरन फैक्ट्री से भारी मात्रा में लोहा चोरी हुआ है। जांच के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड को संदिग्ध पाया। पूछताछ में गार्ड ने कबूल किया कि उसने रात के अंधेरे में फैक्ट्री की सुरक्षा में सेंध लगाकर पीन आयरन और कटी लोहा चुराया। चोरी का माल उसने एक स्थानीय कबाड़ी को बेच दिया, जिसे पुलिस ने भी हिरासत में लिया। बरामद सामान की कीमत लगभग 2.5 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस के अनुसार, गार्ड ने अपनी ड्यूटी के दौरान मिली सुविधा का दुरुपयोग किया। वह रात की पाली में तैनात था और फैक्ट्री के अंदर-बाहर की गतिविधियों से अच्छी तरह वाकिफ था। उसने सुनियोजित तरीके से चोरी को अंजाम दिया और माल को कबाड़ी के जरिए बाजार में बेचने की कोशिश की।

पुलिस की कार्रवाई

जामुल पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दुर्ग पुलिस ने बताया कि गार्ड ने चोरी के लिए अपनी पोजीशन का फायदा उठाया और फैक्ट्री के सुरक्षा इंतजामों को धोखा दिया। पुलिस ने चोरी का माल बरामद कर लिया है और अब यह जांच कर रही है कि क्या गार्ड ने पहले भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है। इसके अलावा, चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ी नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है ताकि इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने भिलाई के औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गार्ड की संलिप्तता ने फैक्ट्री प्रबंधन को सकते में डाल दिया है। स्थानीय लोग और उद्योगपति इस बात से चिंतित हैं कि जिन गार्डों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वही चोरी में शामिल हो रहे हैं। भिलाई, जो स्टील और आयरन उद्योग का प्रमुख केंद्र है, में इस तरह की घटनाएं औद्योगिक विश्वास को कमजोर कर सकती हैं।

स्थानीय व्यापारियों ने मांग की है कि फैक्ट्रियों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त किया जाए। कुछ ने सुझाव दिया कि सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए और गार्डों की भर्ती से पहले उनकी पृष्ठभूमि की गहन जांच की जाए।

सामाजिक और औद्योगिक प्रभाव

यह घटना भिलाई में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इस बात से हैरान हैं कि एक सिक्योरिटी गार्ड, जिसे संपत्ति की रक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी, वह खुद चोरी का मास्टरमाइंड निकला। इस मामले ने औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों की निगरानी और जवाबदेही के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। साथ ही, कबाड़ी बाजार में चोरी के माल की खरीद-बिक्री पर भी सवाल उठ रहे हैं।

दुर्ग पुलिस ने कहा कि इस तरह की वारदातों को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। पुलिस ने कबाड़ियों और अन्य संदिग्ध खरीददारों पर नजर रखने की योजना बनाई है ताकि चोरी के माल का अवैध व्यापार रोका जा सके।

भिलाई में पहले भी चोरी की बड़ी वारदात

यह पहली बार नहीं है जब भिलाई में इस तरह की चोरी की घटना हुई हो। मई 2025 में भिलाई स्टील प्लांट से 65 लाख रुपये कीमत के पांच भारी-भरकम औद्योगिक नट चोरी के मामले में पुलिस ने 10 साल बाद एक आरोपी रवि सोनी को गिरफ्तार किया था। उस मामले में चोरों ने नकली चालान बनाकर प्लांट में अनधिकृत प्रवेश किया था। इस तरह की घटनाएं भिलाई के औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा कमियों को उजागर करती हैं।

Related posts

विद्यालय में शर्मनाक घटना: बसंत पंचमी पर नशे में धुत शिक्षक, सफाई में दिए अजीब बयान”

admin

रेल यात्रियों को राहत: छत्तीसगढ़ रूट की 63 ट्रेनों का समय बदला, नई टाइमिंग से सफर होगा तेज

admin

रायपुर में डायल 112 के पुलिसकर्मी पर हमला सार्वजनिक जगह पर शराब पीने से रोका तो भड़के युवक, वर्दी फाड़ी और गाड़ी जलाने की धमकी; पुलिस ने 4 आरोपियों को किया अरेस्ट

admin

Leave a Comment