नई दिल्ली, 6 जून 2025: भारत की अग्रणी सौर ऊर्जा कंपनी आइकॉन सोलर ने अपनी स्थापना के 11 साल पूरे होने का जश्न विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून 2025) के अवसर पर धूमधाम से मनाया। इस मौके पर कंपनी ने सौर ऊर्जा को अपनाने की जोरदार अपील की और अपनी सौर पैनल उत्पादन क्षमता में 30% की वृद्धि की घोषणा की। यह कदम भारत के 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को समर्थन देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
11 साल की उपलब्धियां:
2014 में स्थापित आइकॉन सोलर ने भारत में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कंपनी ने अब तक 2.5 गीगावाट से अधिक सौर क्षमता स्थापित की है, जो लगभग 4 लाख घरों को बिजली प्रदान करने के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने सौर पैनलों के जरिए 1.2 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम किया है, जो 50 लाख पेड़ लगाने के बराबर है। कंपनी के सीईओ अमित शर्मा ने कहा, “हमारा मिशन भारत को स्वच्छ और किफायती ऊर्जा की ओर ले जाना है। विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सौर ऊर्जा को हर घर तक पहुंचाने का संकल्प दोहराते हैं।”
उत्पादन क्षमता में वृद्धि:
आइकॉन सोलर ने गुजरात और कर्नाटक में अपनी विनिर्माण इकाइयों का विस्तार किया है, जिससे इसकी वार्षिक सौर पैनल उत्पादन क्षमता 1.8 गीगावाट से बढ़कर 2.3 गीगावाट हो गई है। कंपनी ने नवीनतम मोनो-पीईआरसी और बाइफेशियल सौर पैनल तकनीकों को अपनाया है, जो 22% तक सौर ऊर्जा रूपांतरण दक्षता प्रदान करते हैं। यह वृद्धि भारत में सौर पैनल की बढ़ती मांग को पूरा करने और निर्यात को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
विश्व पर्यावरण दिवस पर अपील:
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आइकॉन सोलर ने ‘सूरज की शक्ति, हर घर की रोशनी’ अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत कंपनी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के लाभों के बारे में जागरूकता फैलाएगी। कंपनी ने 10,000 स्कूलों में मुफ्त सौर ऊर्जा कार्यशालाओं का आयोजन करने और 1 लाख घरों को रियायती दरों पर सौर पैनल प्रदान करने की योजना बनाई है।
सरकारी योजनाओं का समर्थन:
आइकॉन सोलर भारत सरकार की पीएम-कुसुम योजना और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना का सक्रिय समर्थन कर रही है। कंपनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में 500 मेगावाट की ऑफ-ग्रिड सौर परियोजनाएं शुरू की हैं, जो किसानों को सौर पंप और मिनी-ग्रिड के जरिए बिजली प्रदान करेंगी। इसके अलावा, कंपनी ने सौर पैनल की लागत को और कम करने के लिए स्वदेशी तकनीकों पर निवेश बढ़ाया है।
प्रतिस्पर्धा और भविष्य की योजनाएं:
भारत में सौर ऊर्जा क्षेत्र में टाटा पावर सोलर, अडानी सोलर और वारी एनर्जी जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए आइकॉन सोलर ने किफायती कीमतों और उच्च गुणवत्ता पर जोर दिया है। कंपनी 2027 तक अपनी उत्पादन क्षमता को 5 गीगावाट तक ले जाने की योजना बना रही है। साथ ही, यह अगले दो वर्षों में 50,000 नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखती है, जिसमें से 60% ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे।
पर्यावरण पर प्रभाव:
आइकॉन सोलर के सौर पैनल न केवल बिजली बिल में कमी लाते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देते हैं। कंपनी का दावा है कि इसके सौर सिस्टम ने अब तक 2.5 लाख कारों को सड़क से हटाने के बराबर कार्बन उत्सर्जन को रोका है। विश्व पर्यावरण दिवस पर कंपनी ने 1 लाख पेड़ लगाने की प्रतिज्ञा भी की।
