रायपुर में आज का दिन कांग्रेस के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दोपहर में Science College Grounds में ‘किसान–जवान–संविधान’ जनसभा को संबोधित करने के लिए पहुंचकर सक्रियता दिखाई । पैदल और गाजे-बाजे के साथ उनका स्वागत किया गया, जिसमें राष्ट्रीय महासचिव के. सी. वेणुगोपाल उनकी टीम में शामिल थे ।
सभा का आयोजन सिर्फ एक जन‑समूह नहीं, बल्कि राजनीतिक मोर्चे खोलने की दिशा थी। अखबारों में भी उल्लेख है कि इसका उद्देश्य किसानों, जवानों और संविधान की रक्षा करना है । प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि कार्यक्रम का लक्ष्य 25,000 से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना था ।
सभा में उठाए गए मुख्य मुद्दों में शामिल हैं:
राज्य में डीएपी खाद और बीज की कमी और किसानों की अनदेखी ।
जंगलों की कटाई (हसदेव–तमनार क्षेत्र) और खनिज संसाधनों के निजीकरण का विरोध ।
शिक्षा एवं स्कूलों की बंदी, शिक्षकों पदों की कटौती ।
महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति ।
अवैध शराब बिक्री और बिजली कटौती की समस्याएँ ।
नक्सल-उन्मूलन के नाम पर आदिवासियों के अधिकारों का हनन ।
रणनीतिक परिप्रेक्ष्य:
इस सभा को कांग्रेस ने सिर्फ प्रदर्शन की तरह नहीं, बल्कि राज्य और केंद्र सरकारों के खिलाफ “जागरूकता अभियान” के रूप में नामित किया । सचिन पायलट, राज्य प्रभारी, ने कार्यकर्ताओं को सक्रिय रूप से मैदान सजाने और जनसमर्थन जुटाने के निर्देश दिए हैं । पायलट ने राज्य सरकार के खिलाफ टिप्पणी की और किसानों तथा शिक्षकों की उपेक्षा का आरोप लगाया, साथ ही कर्ज लेने और कल्याण योजनाओं को बंद करने का मुद्दा उठाया ।
सभा के बाद दो महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन होना है: Political Affairs Committee की बैठक और फिर राज्य कार्यकारिणी की बैठक, जहाँ रणनीति और भूमिका का निर्धारण किया जाएगा ।
