नई दिल्ली, : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80(3) के तहत अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए राज्यसभा के लिए चार प्रतिष्ठित हस्तियों को मनोनीत किया है। इनमें 26/11 मुंबई हमले के दोषी अजमल कसाब को फांसी की सजा दिलाने वाले मशहूर वकील उज्ज्वल निकम, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, प्रख्यात इतिहासकार मीनाक्षी जैन और केरल के समाजसेवी सी. सदानंदन मास्टर शामिल हैं। यह मनोनयन उन चार रिक्त सीटों को भरने के लिए किया गया है, जो पूर्व नामित सदस्यों के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुई थीं।
कौन हैं ये चार दिग्गज?
उज्ज्वल देवराव निकम: देश के जाने-माने विशेष सरकारी वकील, जिन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में अजमल कसाब को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई। कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों में अपनी पैरवी के लिए मशहूर निकम को उनकी निष्ठा और कानूनी दक्षता के लिए जाना जाता है। वह हाल ही में लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार भी रहे।
हर्षवर्धन श्रृंगला: भारत के पूर्व विदेश सचिव (जनवरी 2020-अप्रैल 2022), जिन्होंने 2023 में भारत द्वारा आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के मुख्य समन्वयक के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अमेरिका और बांग्लादेश में भारत के राजदूत रह चुके श्रृंगला ने फ्रांस, वियतनाम, इजरायल और दक्षिण अफ्रीका में भी राजनयिक भूमिकाएं निभाई हैं।
मीनाक्षी जैन: मध्यकालीन और औपनिवेशिक भारत की प्रख्यात इतिहासकार, जिन्होंने भारतीय सभ्यता और हिंदू इतिहास पर कई महत्वपूर्ण किताबें लिखी हैं। उनकी विद्वता और शोध कार्यों ने उन्हें शिक्षाविदों के बीच खास पहचान दिलाई है।
सी. सदानंदन मास्टर: केरल के वरिष्ठ समाजसेवी और शिक्षाविद, जो सामाजिक कार्यों और शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं। कुछ X पोस्ट्स के अनुसार, वे केरल में सीपीआईएम हिंसा के पीड़ित रहे हैं, जिसने उनके सामाजिक कार्यों को और प्रेरित किया।
क्यों खास है यह मनोनयन?
भारतीय संविधान के तहत, राज्यसभा में 250 सदस्यों में से 12 को राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया जाता है। इनका चयन कला, विज्ञान, साहित्य, सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष योगदान के आधार पर होता है, ताकि संसद में विविध क्षेत्रों के जानकारों की राय और अनुभव कानून निर्माण में सहायता कर सकें। इन चारों नामों का चयन विभिन्न क्षेत्रों में संतुलन और विशेषज्ञता को दर्शाता है।
