रायपुर के भावना नगर क्षेत्र में 11 जुलाई की शाम एक हैरान करने वाली घटना घटी जब जनधारा 24×7 के रिपोर्टर राघवेंद्र पांडेय और उनके कैमरामैन प्रथम गुप्ता की खबर बनाने की प्रक्रिया के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता नाजायज़ रूप से हस्तक्षेप कर गए। दोनों पत्रकार विवादित मामले की बाइट लेने और रिपोर्टिंग कर लौट रहे थे, तभी आरोपियों ने मीडिया की कार्यप्रणाली को बाधित करते हुए उन्हें गाली-गलौज के साथ घेर लिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इस हिंसक कार्रवाई में उनका कैमरा न केवल क्षतिग्रस्त किया गया बल्कि उसे नाले में फेंक दिया गया, साथ ही मोबाइल भी तोड़ा गया ।
पीड़ित पत्रकारों ने खम्हारडीह थाना में शिकायत दर्ज कराई जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला स्पष्ट रूप से प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है और ऐसे तत्वों का तुरंत दमन होना चाहिए । रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर, महासचिव वैभव पांडेय सहित वरिष्ठ पत्रकारों ने SSP को लिखित रूप से अविलंब कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं ।
यह घटना प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा को लेकर नए सिरे से बहस का विषय बन चुकी है, जहां यह सवाल उठता है कि क्या खबर बनाने वाले लोगों को भी अब खुले में हिंसा का सामना करना होगा। प्रेस स्वतंत्रता में ऐसी कटुता मीडिया जगत के लिए चिंताजनक संकेत है और इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों से कठोर कदम उठाने की मांग अब और अधिक मुखर हो चुकी है
