पुलिस पर से उठता विश्वास, वर्दी में छिपा अपराध—कानपुर की यह घटना पुलिस की गिरती साख की एक और मिसाल बन गई। रामादेवी क्षेत्र में सोमवार को अलीगढ़ जा रहे पशु व्यापारी मोहम्मद उजैर को तीन पीआरवी (Police Response Vehicle) टीमों ने रोका और फिर उससे जबरन ₹500-₹500 कर के करीब ₹10,000 की वसूली की। मना करने पर उसे न सिर्फ गाली-गलौज झेलनी पड़ी, बल्कि आंख पर डंडा मारकर शारीरिक हिंसा भी की गई।
उजैर का आरोप है कि वह हर सप्ताह की तरह मवेशी खरीदकर लौट रहा था। तभी रास्ते में खड़ी तीन पीआरवी ने उसे रोक लिया। पुलिसकर्मियों ने कहा, “अब ₹500 से कम नहीं लेंगे, तू बहुत दौड़ाता है।” उनकी धमकी और मारपीट से घबराकर उजैर को आखिरकार पैसे देने पड़े।
इस अमानवीय और गैरकानूनी घटना के बाद जब व्यापारी ने इसकी शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने 11 सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
