कोरबा: कोरबा नगर निगम के 80 लाख रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक्सिस बैंक के मैनेजर और कैशियर ने मिलकर इस राशि को जमा करने के बजाय अपने पास रख लिया। यह घपला तब पकड़ा गया, जब डेटा ऑडिट के दौरान अनियमितताएं सामने आईं। इस घटना ने कोरबा में वित्तीय प्रबंधन और बैंकों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की पूरी कहानी
कोरबा नगर निगम के फंड्स को कैश मैनेजमेंट सर्विसेज (CMS) के जरिए एक्सिस बैंक में जमा करना था। लेकिन मैनेजर और कैशियर ने इस राशि को बैंक के खाते में जमा करने के बजाय इसे अपने निजी खातों में डायवर्ट कर दिया। सूत्रों के अनुसार, इस हेराफेरी को कई महीनों तक छिपाया गया, लेकिन नियमित डेटा ऑडिट ने इस घोटाले की पोल खोल दी। ऑडिट में पता चला कि 80 लाख रुपये की राशि गायब है, जिसके बाद नगर निगम ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोरबा पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का केस दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह राशि कई अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि क्या इस घोटाले में बैंक के अन्य कर्मचारी या बाहरी लोग भी शामिल हैं।
नगर निगम का गुस्सा
नगर निगम के अधिकारियों ने इस घटना को गंभीर लापरवाही और विश्वासघात करार दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह जनता के पैसे के साथ खिलवाड़ है। हम इस मामले की तह तक जाएंगे और दोषियों को सजा दिलवाएंगे।” निगम ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बैंकों के साथ अपने वित्तीय लेनदेन की प्रक्रिया को और सख्त करने का फैसला किया है।
एक्सिस बैंक की सफाई
एक्सिस बैंक ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “हम इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं और आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। हम नगर निगम के साथ मिलकर इस मामले को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोषी पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
