रायपुर | छत्तीसगढ़ में अब जमीन की रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रविवार को राजधानी में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में इसका औपचारिक एलान किया। उन्होंने कहा कि अब आम जनता को न तो पटवारी के चक्कर काटने पड़ेंगे, न ही कागजी फॉर्म भरने होंगे। एक ही पोर्टल पर रजिस्ट्री, नामांतरण, दाखिल-खारिज की सभी सेवाएं मिलेंगी।
विजय शर्मा ने गिनाईं ‘रजिस्ट्री की 10 नई क्रांतियां’:
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अब रजिस्ट्री प्रक्रिया में जो 10 क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं, उनसे हर वर्ग को लाभ मिलेगा –
1. अब रजिस्ट्री से पहले जमीन की डिजिटल मैपिंग उपलब्ध होगी।
2. ऑटोमेटेड नामांतरण: रजिस्ट्री होते ही नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी।
3. डिजिटल सिग्नेचर से ई-साइन: दस्तावेजों पर डिजिटल सिग्नेचर से प्रमाणन।
4. ई-पंजीकरण: घर बैठे पंजीयन कराने की सुविधा।
5. पोर्टल से स्टेटस ट्रैकिंग: हर प्रक्रिया का स्टेटस ऑनलाइन देखा जा सकेगा।
6. डिजिटल वॉलेट सिस्टम: शुल्क और टैक्स भरने के लिए वॉलेट की सुविधा।
7. दस्तावेजों की क्लाउड स्टोरेज: सभी कागजात डिजिटल रूप में सेव।
8. वन नेशन-वन रजिस्ट्री पोर्टल: देशभर में एक जैसे नियम और पोर्टल से रजिस्ट्री।
9. रीयल टाइम दस्तावेज सत्यापन: दस्तावेज सत्यापन में रीयल टाइम ऑथेंटिकेशन।
10. भ्रष्टाचार पर अंकुश: सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी, मैनुअल दखल कम।
जनता को मिलेगा ये फायदा:
कोई दौड़भाग नहीं, सब कुछ ऑनलाइन
भ्रष्टाचार और दलालों से छुटकारा
समय की बचत और रजिस्ट्री की प्रक्रिया में पारदर्शिता
किसानों, महिलाओं और दूर-दराज के लोगों को सीधा फायदा
कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के कलेक्टर, रजिस्ट्री विभाग के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मंच पर कैबिनेट मंत्री और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।
- उपमुख्यमंत्री ने कहा: “ये सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं है, ये जनता की आजादी की दिशा में बड़ा कदम है। अब जमीन की खरीद-बिक्री में जनता की भागीदारी और अधिकार दोनों बढ़ेंगे।”
