नई दिल्ली । भोपाल और इंदौर मेट्रो की डिजिटल टिकटिंग का ठेका उस तुर्की कंपनी को दिया गया है, जिसकी पहचान भारत में डूबे हुए उपकरण बनाने वाली कंपनी के रूप में की गई है।
यह वही कंपनी है जिसके द्वारा पाकिस्तान ने सीमा पार से भारत में घुसपैठ और हथियार गिराने का काम किया था। अब सवाल है—क्या इस कंपनी को भारत के मेट्रो सिस्टम जैसे सिग्नल प्रोजेक्ट में सुरक्षा के लिए खतरा शामिल नहीं है?
मंत्री ने पोस्ट किया:
प्रशासन मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, “यदि यह तथ्य सही है, तो हम इस बांड को तत्काल बंद कर देंगे।”
क्या है मामला
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने भोपाल-इंदौर मेट्रो में डिजिटल टिकटिंग और ऑटोमेटा फेयर इम्पैक्ट सिस्टम के लिए जिस कंपनी को ठेका दिया है, उसका कनेक्शन तुर्की के उस डिफेंस डिफेंस से है, जिसने पाकिस्तान को कब्जे वाली तकनीक दी थी।
सूत्रों के मुताबिक इस सिस्टम के लिए सिर्फ यात्रियों की टिकटिंग नहीं होगी, बल्कि यात्रा का डेटा, झटका, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, यात्रा का डेटा, सुविधाजनक डेटा भी छिपाएगा। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा पैदा हो सकता है।
अब सवाल ये है कि-
1. अंतरिक्ष यान की सुरक्षा से जुड़ी ज़िम्मेदारियाँ विदेशी हाथों में क्या दी जा सकती हैं?
2. क्या ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का नारा जारी हो गया है?
