छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों को डीएपी खाद की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य को जहां 2 लाख मीट्रिक टन डीएपी खाद की आवश्यकता है, वहां सिर्फ 50 हजार मीट्रिक टन खाद ही गोदामों में मौजूद है। यानी कुल जरूरत का महज 25% ही स्टॉक बचा है।
किसानों की परेशानी बढ़ी, दुकानों पर लगी भीड़
राज्य के कई जिलों में खाद वितरण केंद्रों के बाहर किसानों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। समय पर खाद न मिलने की आशंका से किसान पहले ही भागदौड़ में लग गए हैं। कुछ जगहों पर किसानों ने शिकायत की है कि निजी दुकानदार अधिक कीमत वसूल रहे हैं।
मानसून की आहट, खेतों की पुकार
जैसे-जैसे मानसून करीब आ रहा है, खेत तैयार हो रहे हैं लेकिन खाद की कमी ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। धान की बुवाई में डीएपी की अहम भूमिका होती है और उसकी अनुपलब्धता से उत्पादन पर असर पड़ना तय है।
सरकार ने मांगी अतिरिक्त आपूर्ति
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र से अतिरिक्त डीएपी की मांग की गई है। साथ ही किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
निगरानी भी बढ़ाई गई, कालाबाजारी पर नजर
राज्य सरकार ने खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला स्तर पर टीमें तैनात की हैं। अधिकारियों का कहना है कि हर एक बोरी खाद की ट्रैकिंग की जा रही है ताकि कोई भी बिचौलिया इसका फायदा न उठा सके।
