खरोरा क्षेत्र के तीन धान खरीदी केंद्रों में करीब 1363 क्विंटल धान के गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद ये धान जमीनी स्तर पर नदारद है। जांच में सामने आया है कि कुल मिलाकर 10 लाख रुपये से अधिक का घोटाला किया गया है। हैरानी की बात ये है कि जांच रिपोर्ट तैयार हो जाने के बाद भी अब तक किसी भी जिम्मेदार पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है।
तीन केंद्रों में सामने आई गड़बड़ी
जिन केंद्रों में ये घोटाला उजागर हुआ है, उनमें खरोरा क्षेत्र के ग्राम खरोरा, कसही और बरबसपुर शामिल हैं। अधिकारियों की टीम ने जब भौतिक सत्यापन किया, तब इन केंद्रों में धान की भारी कमी पाई गई। 1363 क्विंटल धान ग़ायब मिला, जिसकी कीमत करीब ₹10 लाख आँकी गई है।
कागजों में सब कुछ ठीक, जमीन पर खाली बोरे
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, रिकॉर्ड में तो धान की मात्रा पूरी दिख रही है, लेकिन गोदामों में खाली बोरे और ग़ायब स्टॉक की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। माना जा रहा है कि ये पूरा खेल केंद्र प्रभारी, समिति प्रबंधन और परिवहन एजेंसियों की मिलीभगत से किया गया है।
जिम्मेदार चुप, किसान परेशान
इस गड़बड़ी का असर सीधे किसानों पर पड़ रहा है। कई किसानों को भुगतान अब तक नहीं मिला है, और खरीदी केंद्रों की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय किसानों ने मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अब तक कोई कार्रवाई नहीं
जांच रिपोर्ट आने के बाद भी न ही एफआईआर दर्ज हुई है और न ही किसी अधिकारी को निलंबित किया गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि मामला राजनीतिक दबाव में दबाया जा रहा है।
