भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग को और पारदर्शी और आम यात्रियों के लिए सुलभ बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब तत्काल टिकट बुकिंग के पहले 10 मिनट केवल आधार-सत्यापित IRCTC खातों के माध्यम से और आधार-आधारित OTP सत्यापन के साथ की जा सकेगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य कालाबाजारी और टिकट दलालों द्वारा स्वचालित सॉफ्टवेयर (बॉट्स) के दुरुपयोग को रोकना है, ताकि वास्तविक यात्रियों को जरूरत के समय कन्फर्म टिकट मिल सके। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 4 जून, 2025 को इसकी घोषणा की, जिसे रेलवे ने ‘यात्री-अनुकूल’ कदम बताया है। यह नियम अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा।
नई तत्काल बुकिंग व्यवस्था का विवरण
भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को और सख्त करने का फैसला किया है। नई नीति के तहत:
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पहले 10 मिनट में प्राथमिकता: तत्काल बुकिंग शुरू होने के पहले 10 मिनट (AC क्लास के लिए सुबह 10:00 बजे और नॉन-AC क्लास के लिए सुबह 11:00 बजे) केवल आधार-सत्यापित IRCTC खातों वाले उपयोगकर्ताओं को बुकिंग की अनुमति होगी। बुकिंग के दौरान आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा, जिसे सत्यापित करना होगा।
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आधार अनिवार्य: तत्काल टिकट बुकिंग के लिए IRCTC खाते को आधार से लिंक करना अनिवार्य होगा। बिना आधार सत्यापन के तत्काल टिकट बुक नहीं किए जा सकेंगे।
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प्रमाणित यात्रियों को लाभ: आधार-सत्यापित खातों को प्राथमिकता मिलने से वास्तविक यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट की संभावना बढ़ेगी।
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एजेंट्स पर रोक: पहले 10 मिनट में IRCTC के अधिकृत एजेंट्स को तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति नहीं होगी, जिससे दलालों की भूमिका कम होगी।
रेलवे के अनुसार, हर दिन लगभग 2.25 लाख यात्री तत्काल टिकट बुक करते हैं। 24 मई से 2 जून, 2025 के बीच किए गए विश्लेषण से पता चला कि AC क्लास में पहले 10 मिनट में औसतन 67,159 टिकट (कुल टिकटों का 62.5%) बुक हो जाते हैं। पहले मिनट में ही 5,615 टिकट और दूसरे मिनट में 22,827 टिकट बुक होते हैं, जिससे साफ है कि शुरुआती मिनटों में टिकटों की मांग सबसे ज्यादा होती है।
कालाबाजारी पर लगाम
रेलवे ने स्वचालित सॉफ्टवेयर जैसे ‘ANMS’, ‘MAC’, और ‘Jaguar’ के उपयोग को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं, जो दलालों द्वारा टिकट बुकिंग के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इन सॉफ्टवेयरों के जरिए लॉगिन कैप्चा, बुकिंग कैप्चा और बैंक OTP को बायपास कर टिकट बुक किए जाते थे। रेलवे ने पिछले छह महीनों में:
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24 मिलियन संदिग्ध खातों को निष्क्रिय किया: रेलवे ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी के जरिए 24 मिलियन यूजर खातों को ब्लॉक किया।
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2 मिलियन खातों की जांच: अन्य 2 मिलियन खातों को संदिग्ध माना गया और उनकी आधार और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जांच चल रही है।
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60 दलालों की गिरफ्तारी: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अवैध सॉफ्टवेयर का उपयोग करने वाले 60 एजेंट्स को गिरफ्तार किया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने X पोस्ट में कहा, “भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार सत्यापन शुरू करेगा। इससे वास्तविक यात्रियों को जरूरत के समय कन्फर्म टिकट मिल सकेंगे।”
आधार सत्यापन की प्रक्रिया
IRCTC खाते को आधार से लिंक करने और तत्काल टिकट बुकिंग के लिए निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:
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IRCTC वेबसाइट पर लॉगिन: www.irctc.co.in पर अपने यूजरनेम, पासवर्ड और सुरक्षा कोड के साथ लॉगिन करें।
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आधार KYC: ‘माय प्रोफाइल’ में ‘आधार KYC’ विकल्प पर क्लिक करें।
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आधार नंबर दर्ज करें: अपना आधार नंबर या वर्चुअल ID दर्ज करें और ‘Send OTP’ पर क्लिक करें।
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OTP सत्यापन: आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP दर्ज करें और ‘Verify OTP’ पर क्लिक करें।
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पैसेंजर लिस्ट में आधार सत्यापन: मास्टर लिस्ट में कम से कम एक यात्री का आधार सत्यापित करें। इसके लिए यात्री का नाम, जन्मतिथि, लिंग और आधार नंबर दर्ज करें। सत्यापन के बाद स्थिति ‘वेरिफाइड’ हो जाएगी।
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बुकिंग के दौरान: तत्काल बुकिंग के समय मास्टर लिस्ट से आधार-सत्यापित यात्री को चुनें और OTP सत्यापन पूरा करें।
वर्तमान में IRCTC के 130 मिलियन सक्रिय उपयोगकर्ताओं में से केवल 12 मिलियन खाते आधार-सत्यापित हैं। रेलवे ने सभी गैर-सत्यापित खातों की विशेष जांच शुरू करने का फैसला किया है।
यात्रियों को लाभ
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आसान बुकिंग: आधार-सत्यापित यात्रियों को पहले 10 मिनट में प्राथमिकता मिलने से कन्फर्म टिकट की संभावना बढ़ेगी।
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कालाबाजारी पर रोक: स्वचालित सॉफ्टवेयर और दलालों के दुरुपयोग पर अंकुश लगेगा, जिससे टिकट वास्तविक यात्रियों तक पहुंचेंगे।
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पारदर्शिता: आधार OTP सत्यापन से बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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तेज प्रक्रिया: IRCTC अब केंद्र के लिए रेलवे सूचना प्रणाली (CRIS) के माध्यम से सीधे आधार सत्यापन करेगा, जिससे प्रक्रिया तेज और आसान होगी।
विशेषज्ञों के सुझाव
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तत्काल बुकिंग के लिए टिप्स:
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बुकिंग से पहले मास्टर लिस्ट में यात्री विवरण और आधार सत्यापन पूरा करें।
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तेज इंटरनेट और UPI या नेट बैंकिंग जैसे तेज भुगतान विकल्पों का उपयोग करें।
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सुबह 9:55 बजे से लॉगिन कर तैयार रहें, क्योंकि तत्काल टिकट तेजी से बुक हो जाते हैं।
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सर्वर लोड प्रबंधन: विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि रेलवे को बुकिंग को समय-समय पर बांटने (जैसे हर घंटे कुछ ट्रेनों की बुकिंग) की रणनीति अपनानी चाहिए।
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जागरूकता अभियान: रेलवे को ग्रामीण और कम तकनीक-जानकार यात्रियों के लिए आधार सत्यापन और बुकिंग प्रक्रिया को समझाने के लिए जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
