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October 22, 2026
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धमाका, चीखें और फिर सन्नाटा मैं बच कैसे गया, खुद नहीं जानता AI-171 क्रैश में एकमात्र जिंदा बचे यात्री ने सुनाई आंखों देखी

अहमदाबाद | 13 जून 2025 | विशेष रिपोर्ट
एयर इंडिया AI-171 की फ्लाइट शुक्रवार सुबह अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ी, लेकिन टेकऑफ के 30 सेकंड बाद ही धमाके के साथ क्रैश हो गई। कुल 242 यात्रियों में से केवल एक ही व्यक्ति जीवित बचा — विश्वास कुमार रमेश, जो सीट 11A पर बैठे थे।

धमाका हुआ, फिर अंधेरा… आंखें खुलीं तो मैं बाहर था

विश्वास ने बताया, “धमाका इतना तेज था कि कुछ समझ नहीं आया। सीट से उठा और अगले पल मैं बाहर था। मेरी सीट टूटी, विमान का दरवाजा खुल गया और मैं बाहर आ गिरा।”
वे विमान के उस हिस्से में बैठे थे जो सबसे पहले फटा और खुली जगह के पास होने से वह बाहर गिर गए — जिससे उनका शरीर गंभीर रूप से घायल तो हुआ, लेकिन जान बच गई।

‘टूटी इमरजेंसी हैच से रेंगते हुए बाहर आया’

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लाइट के अगले हिस्से में एक ब्रोकन इमरजेंसी हैच बन गया था। विश्वास वहीं पास में थे। उन्होंने किसी तरह से उस खुली खिड़की से रेंगते हुए खुद को बाहर निकाला।
“मैंने कुछ लोगों को मरते देखा… वो आवाज़ें आज भी कानों में हैं,” उन्होंने रोते हुए बताया।

11A सीट बनी ‘जिंदगी की खिड़की’

विश्वास की सीट 11A थी — एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर में यह खिड़की वाली सीट होती है और इमरजेंसी एग्जिट के बेहद करीब।
विशेषज्ञों का मानना है कि यही वजह रही कि वे फौरन बाहर फेंके गए और मौत के मुंह से निकल पाए।

243 में से 242 की मौत, प्रधानमंत्री ने अस्पताल जाकर मुलाकात की

दुर्घटना में 242 लोग मारे गए, जिनमें 9 क्रू मेंबर और 2 पायलट शामिल थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद के सिविल अस्पताल पहुंचे और विश्वास से मुलाकात की। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, उनकी हालत अब स्थिर है।

ऐसा ही हादसा 1988 में हुआ था — तब भी दो ही बचे थे

1988 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-113 भी अहमदाबाद में क्रैश हुई थी। उस हादसे में 135 यात्रियों में से सिर्फ दो ही बच पाए थे।
अब 37 साल बाद, फिर ऐसा हादसा… और फिर जिंदा बचे सिर्फ एक।

“भगवान ने खुद बचाया…”

विश्वास के परिवार के मुताबिक, वह ऑफिस के काम से सूरत जा रहे थे और टिकट बदलने की सोच रहे थे, लेकिन ऐन वक्त पर बोर्ड कर गए।
उनकी मां का कहना है, “वो मेरा बेटा नहीं… वो अब भगवान का बच्चा है, जिसने उसे दोबारा भेजा है।”

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