छत्तीसगढ़ में एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य सरकार की एजेंसी छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (CGMSC) पर डायग्नोस्टिक सेंटरों के नाम पर मशीन सप्लाई में बड़े घोटाले का आरोप सामने आया है। यह मामला न केवल भ्रष्टाचार का नमूना है, बल्कि सरकारी प्रक्रिया में गहरी खामियों को उजागर करता है।
कैसे हुआ घोटाला?
मार्च 2023 में CGMSC ने डायग्नोस्टिक मशीनों की आपूर्ति के लिए टेंडर जारी किया था। एक निजी कंपनी ने इस टेंडर में हिस्सा लिया और झूठे दस्तावेजों के आधार पर इसे हासिल कर लिया।
फर्जीवाड़े की सूची में शामिल थे:
नकली GST नंबर
गलत रजिस्ट्रेशन डिटेल्स
फर्जी सप्लाई एड्रेस
बिना लाइसेंस के मेडिकल उपकरणों की आपूर्त
यह कंपनी दिखावे के लिए छत्तीसगढ़ में पंजीकृत थी, लेकिन न तो उसका ऑफिस असल में मौजूद था और न ही GST पोर्टल पर उसकी कोई वैधता साबित हो सकी।
अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में
सूत्रों के मुताबिक, इस घोटाले में CGMSC के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की भी जांच हो रही है। माना जा रहा है कि बगैर उचित वैरिफिकेशन के टेंडर को पारित कर दिया गया, जिससे करोड़ों रुपये की सरकारी धनराशि खतरे में पड़ी।
