रायपुर, 17 जून 2025: छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के नए वैरिएंट JN.1 से पहली मौत दर्ज की गई है। रायपुर के एक निजी अस्पताल में 85 वर्षीय बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया, जो पहले से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और निमोनिया से पीड़ित थे। डॉक्टरों के अनुसार, कोरोना ने उनकी स्थिति को और जटिल कर दिया, जिससे मल्टी-ऑर्गन फेल्यर हुआ। राज्य में रोजाना औसतन 5 नए कोविड मरीज मिल रहे हैं, और एक्टिव केस 118 तक पहुंच गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मौत का पूरा मामला
मृतक, रायपुर निवासी, को 12 जून 2025 को सांस लेने में तकलीफ और तेज बुखार के साथ अस्पताल में भर्ती किया गया था। RT-PCR टेस्ट में JN.1 वैरिएंट की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को पहले से COPD और निमोनिया था, जिसके कारण उनके फेफड़े कमजोर थे। JN.1 वैरिएंट ने फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव डाला, जिससे ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिर गया। गंभीर स्थिति के बावजूद मरीज को बचाया नहीं जा सका।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि JN.1, जो ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट है, ऊपरी श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। हालांकि, फेफड़ों की बीमारी या कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों में यह जानलेवा हो सकता है। यह छत्तीसगढ़ में JN.1 से पहली पुष्टि वाली मौत है।
छत्तीसगढ़ में कोविड का हाल
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 118 एक्टिव कोविड-19 केस हैं, जिनमें सबसे ज्यादा मामले रायपुर (45), दुर्ग (20), और बिलासपुर (15) से हैं। पिछले 24 घंटों में 6 नए मामले सामने आए, और रोजाना औसतन 5 नए मरीज मिल रहे हैं। जीनोम सीक्वेंसिंग से JN.1 और इसके सब-वैरिएंट्स NB.1.8.1 और LF.7 की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। ये वैरिएंट तेजी से फैलते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में लक्षण हल्के हैं, जैसे बुखार, खांसी, गले में खराश, और थकान।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी और सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने कोविड की स्थिति पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। सभी अस्पतालों को ICU बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, और वेंटिलेटर तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। रायपुर के एम्स और अन्य बड़े अस्पतालों में कोविड वार्ड फिर से शुरू किए गए हैं।
सलाह:
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लक्षण दिखने पर: तुरंत RT-PCR टेस्ट कराएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
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वैक्सीनेशन: बूस्टर डोज लें, खासकर बुजुर्गों और क्रॉनिक बीमारी वालों को।
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सावधानियां: मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग रखें, और नियमित सैनिटाइजेशन करें।
विशेष रूप से बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, और डायबिटीज, हृदय रोग, या फेफड़ों की बीमारी वाले लोग सावधानी बरतें।
देश में कोविड की स्थिति
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 16 जून 2025 तक भारत में 7,264 एक्टिव कोविड केस हैं, जो 22 मई के 257 मामलों से काफी ज्यादा हैं। पिछले 24 घंटों में 11 मौतें हुईं, जिनमें केरल में 35, महाराष्ट्र में 28, और तमिलनाडु में 7 मौतें शामिल हैं। JN.1, NB.1.8.1, और LF.7 वैरिएंट्स के कारण केस बढ़ रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है।
विशेषज्ञों का मत
AIIMS दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा, “JN.1 और इसके सब-वैरिएंट्स ज्यादातर हल्के लक्षण पैदा करते हैं, लेकिन फेफड़ों की बीमारी वालों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। वैक्सीन और बूस्टर डोज गंभीर स्थिति से बचाव में कारगर हैं।” ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा कि हर्ड इम्यूनिटी और वैक्सीनेशन के कारण भारत में स्थिति गंभीर नहीं होगी, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
