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September 6, 2026
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“लावा उबला तो आसमान से पलटी फ्लाइट” बाली एयरपोर्ट के पास ज्वालामुखी विस्फोट की आशंका, यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला

दिल्ली, 18 जून 2025
दिल्ली से बाली के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की फ्लाइट AI2145 को इंडोनेशिया के माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी ज्वालामुखी में हुए विस्फोट के कारण बीच रास्ते से वापस दिल्ली लौटना पड़ा। ज्वालामुखी से उठे राख के विशाल गुबार ने बाली के न्गुराह राय हवाई अड्डे को उड़ानों के लिए असुरक्षित बना दिया। एयर इंडिया ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया। विमान बुधवार तड़के 5:00 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा।

ज्वालामुखी विस्फोट का असर

इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप पर 1,584 मीटर ऊंचा माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी ज्वालामुखी मंगलवार को फटा, जिससे 10 किलोमीटर ऊंचा राख का बादल आसमान में फैल गया। इंडोनेशिया के ज्वालामुखी विज्ञान केंद्र ने अलर्ट स्तर को अधिकतम कर दिया और 8 किलोमीटर के दायरे को खतरे का क्षेत्र घोषित किया। बाली हवाई अड्डे पर उड़ानें ठप होने से पर्यटकों और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

एयर इंडिया की व्यवस्था

एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा, “हमने यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को देखते हुए फ्लाइट को वापस बुलाया। प्रभावित यात्रियों को होटल, रिफंड या अगली उड़ान का विकल्प दिया जा रहा है।” एयरलाइन ने हेल्पलाइन नंबर 011-69329333 जारी किया है।

अन्य एयरलाइंस पर भी संकट

बाली की उड़ानें रद्द करने वाली एयर इंडिया अकेली नहीं है। जेटस्टार, क्वांटास, सिंगापुर एयरलाइंस की टाइगरएयर और चाइना ईस्टर्न ने भी अपनी उड़ानें स्थगित कीं। बाली में फंसे भारतीय पर्यटक सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी बता रहे हैं।

यात्रियों का हाल

दिल्ली लौटे यात्री अंकित मेहता ने कहा, “रात में अचानक उड़ान वापसी की खबर मिली। निराशा तो हुई, लेकिन जान जोखिम में डालने से बेहतर है।” एक अन्य यात्री प्रिया वर्मा ने बताया, “एयर इंडिया ने हमें होटल में ठहराया, लेकिन बाली की छुट्टियां अधूरी रह गईं।”

आगे की स्थिति

ज्वालामुखी विशेषज्ञों का कहना है कि राख का बादल अगले 48 घंटों तक हवाई यात्रा को प्रभावित कर सकता है। यात्रियों को सलाह है कि वे एयरलाइन की वेबसाइट या हेल्पलाइन से संपर्क करें।

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