नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने फास्टैग उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और सुविधाजनक योजना शुरू की है। इस नई पहल के तहत अब निजी वाहन मालिक ₹3000 देकर एक साल के लिए टोल पर 200 बार तक सफर कर सकेंगे। यह स्कीम खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो प्रतिदिन या बार-बार हाईवे से गुजरते हैं।
क्या है यह योजना?
इस योजना के तहत फोर व्हीलर निजी वाहनों को फास्टैग से लिंक किया जाएगा, जिसमें ₹3000 का एकमुश्त भुगतान कर के वे सालभर में 200 बार टोल गेट पार कर सकेंगे। यह एक तरह का डिजिटल सीजनल पास है, जो देश के नेशनल हाईवे नेटवर्क पर लागू होगा।
योजना के लाभ:
टोल पर बार-बार भुगतान की झंझट नहीं
नियमित यात्रा करने वालों को आर्थिक राहत
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा
ट्रैफिक में सुगमता
5 जरूरी बातें जो आपको जाननी चाहिए:
1. योजना किन पर लागू होगी?
यह स्कीम केवल निजी उपयोग की हल्की गाड़ियों (जैसे कार, जीप, SUV आदि) पर लागू होगी। टैक्सी, ट्रक या कमर्शियल वाहन इसमें शामिल नहीं हैं।
2. 200 क्रॉसिंग कैसे मापी जाएंगी?
जब भी आप किसी फास्टैग टोल से गुजरेंगे, वह एक गिनती के रूप में दर्ज होगा। 200 क्रॉसिंग की लिमिट पूरी होने पर अतिरिक्त शुल्क सामान्य दर पर लिया जाएगा।
3. कहां से मिलेगा यह पास?
यह स्कीम फास्टैग से लिंक होती है, जिसे आप अपने बैंक, NHAI के पोर्टल या फास्टैग ऐप के माध्यम से सक्रिय करवा सकते हैं।
4. क्या यह पैसा रिफंडेबल है?
नहीं, ₹3000 की यह राशि नॉन-रिफंडेबल है। यदि आपने 200 ट्रांजैक्शन पूरे नहीं किए, तब भी पैसा वापस नहीं मिलेगा।
5. यह कब से लागू होगी?
यह योजना NHAI द्वारा नोटिफाइड तारीख से लागू होगी, जिसका ऐलान जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।
