भोपाल में आयोजित कांग्रेस की संगठन सृजन बैठक उस वक्त बवाल में बदल गई जब दो गुटों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। यह विवाद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और भोपाल जिला अध्यक्ष पद के एक दावेदार नेता के समर्थकों के बीच हुआ। बैठक के दौरान पहले दोनों पक्षों में बहसबाज़ी हुई, फिर देखते ही देखते मामला हाथापाई और लात-घूंसों तक पहुंच गया।
घटना जहांगीराबाद स्थित कांग्रेस कार्यालय की है, जहां संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारी पर चर्चा के लिए बैठक रखी गई थी। मगर, व्यक्तिगत वर्चस्व की लड़ाई ने पूरी बैठक को हाशिए पर धकेल दिया। दोनों पक्षों में जमकर नारेबाज़ी हुई और कई कार्यकर्ता घायल भी हो गए।
मौके पर मौजूद कुछ वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके थे। यह घटना पार्टी के अनुशासन पर सवाल खड़े करती है। जिस उद्देश्य से बैठक बुलाई गई थी— संगठन को सशक्त बनाने के लिए— वह गुटबाजी के चलते पूरी तरह बेअसर साबित हुआ।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस विवाद पर नाराज़गी जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। संगठन में समन्वय की कमी और गुटीय राजनीति ने पार्टी की छवि को एक बार फिर धक्का पहुंचाया है, खासकर ऐसे समय में जब कांग्रेस मध्य प्रदेश में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
