छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के यात्रियों के लिए रेलवे एक बड़ी राहत की तैयारी कर रहा है। बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस, जो फिलहाल सीमित रूट पर संचालित हो रही है, उसे रायपुर या दुर्ग से चलाने की योजना पर रेलवे गंभीरता से विचार कर रहा है। इस प्रस्ताव को लेकर रायपुर, दुर्ग सहित चार सांसदों ने केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय से लगातार मांग की थी कि इस ट्रेन का विस्तार छत्तीसगढ़ की राजधानी और प्रमुख शहरों तक किया जाए।
यह मांग इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि रायपुर और दुर्ग जैसे शहरों से मध्यप्रदेश के रीवा जैसे इलाकों के लिए सीधी रेल सेवा नहीं है, जिससे यात्रियों को बार-बार ट्रेनें बदलनी पड़ती हैं। सांसदों की इस मांग पर रेलवे मंत्रालय ने सक्रियता दिखाई है और एक उच्च स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित की गई है। यह टीम दो सप्ताह के भीतर दौरा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि ट्रेन को रायपुर से शुरू किया जाए या दुर्ग से।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस विस्तार से न सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि राजस्व में भी वृद्धि होगी। रायपुर और दुर्ग दोनों ही प्रमुख रेलवे जंक्शन हैं, जहां से हजारों यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। अगर यह एक्सप्रेस ट्रेन इनमें से किसी एक स्टेशन से शुरू होती है, तो उत्तर भारत के यात्रियों को सीधा और तेज़ विकल्प मिल सकेगा।
यात्रियों और जनप्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही निर्णय लिया जाएगा और आगामी कुछ महीनों में नई समय-सारणी के साथ ट्रेन की शुरुआत हो सकती है। यह कदम दोनों राज्यों के बीच आवागमन, व्यापार और सामाजिक संबंधों को और मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।
