April 17, 2026
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हरियाणा में पुरानी गाड़ियों पर सख्ती: तीन जिलों में पेट्रोल-डीजल पर रोक, 28 लाख वाहनों पर असर, 10 हजार तक जुर्माना

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए बड़ा फैसला लिया है। 1 नवंबर 2025 से गुरुग्राम, फरीदाबाद और झज्जर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। इस नियम का असर करीब 28 लाख वाहनों पर पड़ेगा। नियम तोड़ने वालों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार का यह कदम सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के दिशानिर्देशों के तहत उठाया गया है, जिसका मकसद दिल्ली-एनसीआर की खराब होती वायु गुणवत्ता को सुधारना है।

नियम का विवरण:

किन वाहनों पर लागू: 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन (निजी और व्यावसायिक दोनों)।

प्रभावित जिले: गुरुग्राम, फरीदाबाद और झज्जर

निगरानी तंत्र:

  • पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी के जरिए निगरानी होगी।
  • परिवहन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगे।
  • वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच कर ईंधन आपूर्ति रोकी जाएगी।

जुर्माना और कार्रवाई: नियम उल्लंघन पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना और वाहन का पंजीकरण रद्द हो सकता है।

स्क्रैप नीति: पुराने वाहनों को स्क्रैप करने की सलाह दी गई है। सरकार स्क्रैपिंग के लिए प्रोत्साहन दे रही है, जिसमें नए वाहनों पर सब्सिडी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट शामिल है।

वैकल्पिक उपाय: पुराने वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बदलने के लिए प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की गई हैं।

क्यों जरूरी है यह कदम?

हरियाणा, खासकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र, लंबे समय से वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। पुराने वाहन अधिक उत्सर्जन करते हैं, जिससे AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) खराब होता है। सुप्रीम कोर्ट के 2018 के आदेश और NGT के निर्देशों के तहत पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना है। हरियाणा सरकार का यह फैसला इसी दिशा में एक कदम है।

जनता की प्रतिक्रिया:

समर्थन: पर्यावरणविदों और कुछ नागरिकों ने इस कदम का स्वागत किया है। X पर एक यूजर (@Anbhigya007) ने लिखा, “यह प्रदूषण कम करने का सही कदम है, लेकिन सरकार को स्क्रैपिंग सेंटर बढ़ाने चाहिए।”

चिंताएं: कई लोग, खासकर निम्न और मध्यम वर्ग, पुराने वाहनों को बदलने की लागत को लेकर चिंतित हैं। एक अन्य X पोस्ट (@haribhoomicom) में कहा गया, “आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, सरकार को पहले सस्ते विकल्प देने चाहिए।”

आक्रोश: कुछ वाहन मालिकों का मानना है कि यह नियम उनकी आजीविका पर असर डालेगा, खासकर टैक्सी और ऑटो चालकों की।

सरकार के प्रयास:

जागरूकता अभियान: सरकार ने लोगों को नियमों के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया है।

स्क्रैपिंग सुविधाएं: हरियाणा में स्क्रैपिंग सेंटर की संख्या बढ़ाने की योजना है ताकि पुराने वाहनों को आसानी से नष्ट किया जा सके।

इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और चार्जिंग स्टेशन की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

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