यह घटना राजधानी रायपुर के आरंग क्षेत्र के ग्राम देवरी में इंद्रकुमार साहू के घर में हुई। कुछ दिनों से घर में सांप दिखने की रिपोर्ट मिल रही थी। शुरुआत में दो-तीन छोटे सांप दिखे, जिन्हें घरवालों ने सामान्य समझकर बाहर भेज दिया
लेकिन जब अगले दिन फिर सांप दिखे, तो परिवार के लोगों ने स्थानीय सपेरे की मदद ली। उन्होंने फर्श की टाइलों व पत्थरों को हटा कर जांच की—जिससे नीचे एक खोखला स्थान मिला
खुदाई और रेस्क्यू
स्पेरे और ग्रामीणों ने खुदाई शुरू की और पाया कि फर्श के नीचे बसा हुआ था एक पूरा “नागलोक”—नाग-नागिन समेत लगभग 35 छोटे–बड़े सांप, जो दो कमरे में फैले हुए थे ।इस आश्चर्यजनक दृश्य को देखकर घर वाले और आसपास के लोग हक्का-बक्का रह गए
तुरंत ही डीएल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी गई, और आरंग पुलिस मौके पर पहुंच कर पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की। वन विभाग की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि सभी सांपों को सुरक्षित ढंग से पकड़कर भेजा जाए ।
अंततः सभी को पकड़कर जंगल में छोड़ा गया, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली ।
स्थानीय प्रतिक्रिया और विशेषज्ञ दृष्टिकोण
गाँव में एक तरह का भय और हंगामा फैल गया है, क्योंकि इतना बड़ा सांपों का समूह एक ही घर से निकलना अभूतपूर्व माना गया ।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुभव अनुसार यह घटना मॉनसून-गर्मी के मौसम में होती है, जब सांप सुरक्षित एवं सूखे स्थान की तलाश में इंसानी आवासों की ओर आते हैं ।
