हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ भक्तों की गूंजती श्रद्धा और प्रशासन की मजबूत तैयारी के साथ हुआ। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर यात्री निवास से पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वर्ष यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय किए गए हैं।
यात्रा की शुरुआत और पंजीकरण की स्थिति:
अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था 2 जुलाई 2025 को रवाना हुआ।
अब तक 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं।
ऑनलाइन पंजीकरण 14 अप्रैल से शुरू हुआ और ऑफलाइन पंजीकरण 30 जून से जम्मू के चार केंद्रों और 500+ बैंकों में उपलब्ध है।
इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20% की गिरावट देखी गई है।
🔹 यात्रा रूट और समयसीमा:
यात्रा 3 जुलाई से 9 अगस्त 2025 (रक्षाबंधन) तक चलेगी।
दो प्रमुख रूट:
1. पहलगाम रूट – 48 किमी (3–5 दिन)
2. बालटाल रूट – 14 किमी (1–2 दिन)
दोनों रूटों पर आधार शिविर, लंगर और सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
🔹 सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व:
58,000+ सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं जिनमें CRPF, पुलिस, सेना और QRT शामिल हैं।
CCTV निगरानी, ड्रोन, फेशियल रिकॉग्निशन, RFID कार्ड, जैमर और बम निरोधक दस्तों की तैनाती हुई है।
बालटाल और पहलगाम दोनों रूटों को नो-फ्लाइंग ज़ोन घोषित किया गया है।
मार्ग में 139 लंगर, मेडिकल पोस्ट और ऑक्सीजन बूथ भी हैं।
भक्ति के साथ व्यवस्थाओं का संतुलन:
तीर्थयात्रियों के लिए टेंट सुविधा, साफ-सफाई, टॉयलेट्स, मोबाइल क्लिनिक और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, झारखंड आदि राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त शामिल हैं।
इस बार यात्रा में डिजिटल सुविधा जैसे SMS अलर्ट और GPS आधारित ट्रैकिंग का उपयोग हो रहा है।
