ओडिशा में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ के 22 नक्सलियों ने ओडिशा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों पर कुल 1 करोड़ 84 लाख 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इन नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने AK-47, इंसास, SLR, .303 राइफल और सिंगल शॉट सहित कुल 9 हथियार भी जमा कराए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में संगठन के शीर्ष और मध्य स्तर के कैडर शामिल हैं। इनमें एक डीवीसीएम (डिविजनल कमेटी मेंबर), छह एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) और 15 पार्टी मेंबर बताए गए हैं। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के अंतर्गत सक्रिय थे और केरलापाल एरिया कमेटी, जगरगुंडा एरिया कमेटी, प्लाटून 26 और प्लाटून 31 से जुड़े रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, इन नक्सलियों की गतिविधियां मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिलों में केंद्रित थीं, जबकि कुछ सदस्य दंतेवाड़ा क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। आत्मसमर्पण करने वाले समूह में 10 महिला नक्सलियों का शामिल होना भी उल्लेखनीय है, जो संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही थीं।
पुलिस ने बताया कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, लगातार दबाव, सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और विकास योजनाओं के चलते नक्सली मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित हुए हैं। आत्मसमर्पण के बाद सभी पूर्व नक्सलियों को नियमानुसार सुरक्षा, पुनर्वास और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस सामूहिक आत्मसमर्पण से सीमावर्ती नक्सल प्रभावित इलाकों में संगठन की ताकत को बड़ा झटका लगेगा और क्षेत्र में शांति एवं विकास की गति को मजबूती मिलेगी।
