April 17, 2026
The Defence
बड़ी खबर

बिहार बंद विपक्ष की ताकत दिखी: राहुल-तेजस्वी पटना में रोके गए, 6 शहरों में ट्रेनें थमीं, 12 हाईवे जाम

टना, 9 जुलाई 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग (EC) के विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ महागठबंधन ने बुधवार को ‘बिहार बंद’ का आयोजन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने पटना में विरोध मार्च का नेतृत्व किया, लेकिन पुलिस ने आयकर गोलचक्कर पर बैरिकेड्स लगाकर उन्हें चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचने से रोक दिया। बंद के दौरान 6 शहरों में ट्रेनें रोकी गईं और 12 नेशनल हाईवे जाम किए गए, जिससे यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

हादसे का विवरण
  • प्रदर्शन का स्वरूप: राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने सुबह 10 बजे आयकर गोलचक्कर से वीरचंद पटेल पथ और शहीद स्मारक होते हुए EC कार्यालय तक मार्च शुरू किया। पुलिस ने बैरिकेड्स और भारी बल तैनात कर मार्च को रोक दिया।

  • ट्रैफिक बाधित: दरभंगा में नमो भारत ट्रेन को रोका गया। हाजीपुर, सोनपुर, मुजफ्फरपुर, अररिया, और पूर्णिया में रेल और सड़क यातायात ठप रहा। 12 नेशनल हाईवे, जिनमें पटना का महात्मा गांधी सेतु और मनेर का एनएच-30 शामिल हैं, टायर जलाकर जाम किए गए।

  • प्रमुख प्रदर्शनकारी: महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई(एमएल) लिबरेशन, सीपीएम, और स्वतंत्र सांसद पप्पू यादव शामिल थे। पप्पू यादव ने सचिवालय हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोककर नारेबाजी की, नारे लगाए गए- “चुनाव आयोग होश में आओ” और “वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ”।

विरोध का कारण

महागठबंधन का दावा है कि EC का SIR अभियान गरीबों, दलितों, महादलितों, और प्रवासी मजदूरों के वोटिंग अधिकार छीनने की साजिश है। तेजस्वी यादव ने कहा कि EC द्वारा मांगे गए 11 दस्तावेज, जैसे पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस, बिहार के गरीबों के पास नहीं हैं। उनके पास केवल आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, और राशन कार्ड हैं।

  • तेजस्वी का बयान: “EC जवाब देने में असमर्थ है। बिहार में 4 करोड़ प्रवासी मजदूर हैं, जिनके पास ये दस्तावेज नहीं। यह वोटबंदी की साजिश है।”

  • EC का पक्ष: EC का कहना है कि SIR एक रुटीन प्रक्रिया है, जो हर चुनाव से पहले मतदाता सूची को अपडेट करने और गैर-कानूनी प्रवासियों को हटाने के लिए की जाती है। 47% फॉर्म जमा हो चुके हैं, और यह प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत वैध है।

प्रभाव और प्रतिक्रिया
  • प्रदर्शन का दायरा: पूर्णिया, अररिया, कटिहार, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, अरवल, और जहानाबाद में कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर टायर जलाए और यातायात रोका। जहानाबाद में आरजेडी की छात्र शाखा ने रेलवे ट्रैक जाम किए।

  • संगठनों का समर्थन: इमारत-ए-शरिया, जमीयत उलेमा-ए-हिंद, और मुस्लिम मजलिस-ए-मशावरत ने बंद का समर्थन किया, इसे संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताया।

  • एनडीए का जवाब: जेडीयू नेता नीरज कुमार ने इसे “राजनीतिक नौटंकी” करार दिया, जबकि महागठबंधन ने इसे “लोकतंत्र बचाने का आंदोलन” बताया।

  • कानूनी कदम: कांग्रेस सहित नौ विपक्षी दलों ने SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई 10 जुलाई को होगी।

Related posts

अमेरिका की टैरिफ नीति से फिर गिरा शेयर बाजार, निवेशकों में घबराहट

admin

यात्री आए, बैग नहीं आए: पटना में दो फ्लाइट्स बिना लगेज के उतरीं, एयर इंडिया बोली- ‘बारिश और छोटा रनवे जिम्मेदार’

admin

बिहार में शाह की मास्टर प्लानिंग: विरोधियों से पहले बीजेपी ने बढ़ाई बढ़त”

admin

Leave a Comment