नई दिल्ली, 10 जुलाई 2025: भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमतों में उछाल देखा गया, जबकि चांदी की कीमतों में कमी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने की कीमत ₹753 की बढ़त के साथ ₹96,838 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं, चांदी ₹1.07 लाख प्रति किलोग्राम पर बिक रही है, जो पिछले कारोबारी दिन की तुलना में गिरावट दर्शाती है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और रुपये की कमजोरी ने सोने की कीमतों को समर्थन दिया, जबकि चांदी की औद्योगिक मांग में कमी इसका प्रमुख कारण रही।
बाजार के रुझान और प्रभाव
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सोने की कीमतों में उछाल: वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता, खासकर मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में और आकर्षक बनाया। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है, तो सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
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चांदी में नरमी: चांदी की कीमतों में गिरावट का कारण वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग में कमी और चांदी की कीमतों में सुधार है। हालांकि, चांदी को कीमती धातु के साथ-साथ औद्योगिक धातु के रूप में भी देखा जाता है, जिसके कारण इसकी मांग में उतार-चढ़ाव बना रहता है।
विशेषज्ञों की राय
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निवेशकों के लिए सलाह: सर्राफा विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में निवेश दीर्घकालिक लाभ दे सकता है, खासकर मौजूदा आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए। चांदी में निवेश करने वालों को औद्योगिक मांग और वैश्विक रुझानों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
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आयात शुल्क का असर: भारत में सोने के आयात पर लगने वाला शुल्क और जीएसटी कीमतों को प्रभावित करते हैं। पिछले बजट में सोने पर आयात शुल्क में कमी से बाजार में पारदर्शिता बढ़ी, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शुल्क में वृद्धि से तस्करी बढ़ सकती है।
