क्विक कॉमर्स सेक्टर में तेज़ डिलीवरी को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा पर अब सरकारी सख्ती साफ दिखने लगी है। Swiggy और Zepto ने अपने प्लेटफॉर्म और प्रचार सामग्री से “10 मिनट में डिलीवरी” का दावा हटा दिया है। यह कदम केंद्र सरकार के निर्देश के बाद उठाया गया, जिसका मकसद डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को कम करना है।
इससे एक दिन पहले Blinkit भी अपने विज्ञापनों से यही दावा हटा चुका था। सरकार का मानना है कि तय समयसीमा में डिलीवरी का वादा गिग वर्कर्स पर अनावश्यक दबाव बनाता है, जिससे तेज़ रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ता है।
इंडस्ट्री जानकारों के अनुसार, यह बदलाव फिलहाल ब्रांडिंग और मार्केटिंग रणनीति तक सीमित है। कंपनियां तेज़ डिलीवरी की क्षमता बनाए रखेंगी, लेकिन अब किसी निश्चित मिनट में ऑर्डर पहुंचाने का सार्वजनिक वादा नहीं करेंगी। इससे उपभोक्ताओं की अपेक्षाएं यथार्थपरक होंगी और डिलीवरी कर्मियों की कार्य-स्थितियों में सुधार की उम्मीद है।
