छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शराब घोटाले से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हुई है। समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार,इस कार्रवाई को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इसे बड़ी राजनीतिक हलचल के रूप में देखा जा रहा है।
ED ने चैतन्य बघेल को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया, जहां एजेंसी ने कोर्ट से 5 दिनों की रिमांड मांगी। सुनवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी कोर्ट में मौजूद थे और उन्होंने अपने बेटे की ज़मानत के लिए आवेदन देने की बात कही। कोर्ट में कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता जैसे चरणदास महंत और मोहम्मद अकबर भी उपस्थित रहे।
इससे पहले भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि ED को जानबूझकर ऐसे समय पर भेजा गया जब विधानसभा सत्र का अंतिम दिन था और उन्हें आदिवासी मुद्दे पर चर्चा करनी थी। उन्होंने इसे केंद्र की राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बताया और कहा कि “भिलाई निवास में ‘साहेब’ ने ED भेज दी है।”
भूपेश बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले साल उनके जन्मदिन पर भी ED की रेड हुई थी और इस बार उनके बेटे के जन्मदिन पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि यह सब अपने ‘मालिक’ को खुश करने के लिए किया जा रहा है, लेकिन वे न तो झुकेंगे और न ही डरेंगे।
इस घटनाक्रम ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है, और आने वाले दिनों में इसका असर विधानसभा और सत्ताधारी दलों के समीकरणों पर भी पड़ सकता है।
