छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के समीप खरोरा क्षेत्र में प्रस्तावित जिंदल कंपनी की खदान को लेकर मोतिमपुर गांव सहित आसपास के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का मानना है कि इस खदान से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि उनके घर और जीवन भी संकट में पड़ सकते हैं।
विरोध का कारण:
यह खदान नलवा सीमेंट प्लांट के लिए तैयार की जा रही है। लेकिन इस खदान में पत्थर निकालने के लिए किए जाने वाले विस्फोट से मकानों की नींव कमजोर होने की आशंका जताई गई है। ग्रामीणों के अनुसार, विस्फोटों से कंपन के कारण उनके घरों में दरारें पड़ सकती हैं और सुरक्षित रहना मुश्किल हो जाएगा। साथ ही, खेती की जमीन और जलस्रोतों पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।
जनसुनवाई और ग्रामीणों का प्रदर्शन:
इस परियोजना के लिए 1100 एकड़ जमीन प्रस्तावित है, जिससे करीब 55 हजार लोगों के प्रभावित होने की संभावना है। इसी को लेकर मोतिमपुर में आज जनसुनवाई रखी गई थी। लेकिन जनसुनवाई से एक दिन पहले ही ग्रामीणों ने टेंट लगाकर विरोध जताना शुरू कर दिया। सुबह से ही करीब 900 ग्रामीण नारेबाजी करते हुए खदान का विरोध कर रहे हैं।
प्रशासन की भूमिका:
स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। जनसुनवाई स्थल पर अपर कलेक्टर, पर्यावरण अधिकारी, एसपी सहित 6 तहसीलदारों की उपस्थिति दर्ज की गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों की बात सुनने का आश्वासन दिया है, लेकिन विरोध की तीव्रता को देखकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
